राष्ट्रीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में प्रवेश के लिए भारत के प्रयासों के बीच इस 48 सदस्यीय समूह ने कहा है कि उसने नई दिल्ली और अन्य गैर एनपीटी देशों के आवेदन के तकनीकी, कानूनी और राजनीतिक पहलुओं पर चर्चा की है। साथ ही नवंबर में एक और बैठक करने का फैसला किया गया है।
समूह के एक बयान में कहा गया है कि स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में शुक्रवार को संपन्न हुई एनएसजी की पूर्ण बैठक में सदस्य देशों ने समूह के साथ भारत के रिश्तों पर चर्चा की। इसमें कहा गया, ‘एनएसजी ने समूह में गैर एनपीटी देशों की भागीदारी के तकनीकी, कानूनी और राजनीतिक पहलुओं के मुद्दे पर चर्चा की।
समूह ने अपनी चर्चा जारी रखने का फैसला किया और नवंबर में एक अनौपचारिक बैठक करने का फैसला किया है।’ बयान भारत के प्रयासों पर चीन के विरोध के बीच आया है।
चीन प्राथमिक तौर पर इस आधार पर भारत के प्रयासों का विरोध कर रहा है कि उसने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। गत सप्ताह चीन ने कहा था कि एनएसजी में गैर एनपीटी देशों के प्रवेश के मुद्दे पर उसके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।
यह मुद्दा भारत-चीन के बीच संबंधों में एक बाधा बना हुआ है। भारत द्वारा एनएसजी की सदस्यता के लिए आवेदन किए जाने के बाद चीन के दोस्त पाकिस्तान ने भी बीजिंग के मौन समर्थन के साथ इसके लिए आवेदन किया था।