आतंकवाद, अपहरण, बंधक जैसी परिस्थितियों में बेहद सटीक कार्रवाई करने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने अपनी मारक क्षमता और धारदार करने के लिए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है।
एनएसजी महानिदेशक एमए गणपति और विश्वविद्यालय के कुलपति बिमल एल पटेल ने इस एमओयू के जरिए आंतरिक सुरक्षा की कई अहम चुनौतियों से मुकाबले के लिए एक ठोस रोड मैप तैयार किया है।
इस समझौते में अनुसंधान, प्रशिक्षण, मान्यता और विभिन्न प्रशिक्षण व शैक्षणिक प्रमाणन को शामिल किया गया है। इसका मकसद एनएसजी की विशिष्ट जरूरतों के आधार पर तैयार किए गए डिजाइन एवं तकनीकी ब्योरे को सुरक्षा पर केंद्रित स्टार्टअप के साथ जोड़ा जा सके।
एनएसजी के मुताबिक, इससे संस्थान को विश्व स्तर का बनाने और अत्याधुनिक सुविधाओं के निर्माण में स्वदेशी क्षमता को उजागर किया जा सकेगा। साथ ही एनएसजी की ओर से चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों को मान्यता प्रदान करने और उसके प्रमाणन की सुविधा होगी। इससे युवकों में सुरक्षा के क्षेत्र में तकनीकी अध्ययन के साथ नई सोच का रास्ता बनेगा।