प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 1064 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के सांसद नामा नागेश्वर राव और रांची एक्सप्रेसवे लिमिटेड के डायरेक्टरों के आवास और कार्यालयों पर छापा मारा। सूत्रों का कहना है कि हैदराबाद में छह जगहों पर छापे की कार्रवाई की गई।
मार्च 2019 में सीबीआई ने रांची-जमशेदपुर (एनएच-33) प्रोजेक्ट में अनियमितता मामले में रांची एक्सप्रेसवे लिमिटेड, मधुकॉन ग्रुप ऑफ कंपनीज और कैनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंक संघ के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इससे पहले हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दिसंबर 2012 में शुरू हुए प्रोजेक्ट के पूरा होने में देरी के मामले की जांच के लिए गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) को आदेश दिया था।
एसएफआईओ की रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने रांची एक्सप्रेसवे लिमिटेड, मधुकॉन ग्रुप ऑफ कंपनीज और कैनरा बैंक के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एसएफआईओ की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि कैनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंक संघ ने प्रोजेक्ट की प्रगति को जांचे बिना 1029.39 करोड़ रुपये जारी किए और आरोपी कंपनियों ने इसमें से 264 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट की जगह कहीं ओर इस्तेमाल किया।