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NSA Meeting: भारत और इराक के एनएसए के बीच हुई वार्ता, आतंकवाद से लड़ने और द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

Sat, 25 Mar 2023 12:30 AM IST
वीरेंद्र शर्मा पीटीआई, नई दिल्ली

सार

इराकी एनएसए ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का दौरा किया और 'मेक इन इंडिया' पहल के कई उदाहरण देखे। उन्होंने सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स द्वारा आयोजित एक बातचीत में विभिन्न भारतीय रक्षा उद्योग के नेताओं के साथ बातचीत की।
 
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एनएसए अजीत डोभाल - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भारत और इराक के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बीच रक्षा सहयोग, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने, द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों के मुताबिक, एनएसए अजीत डोभाल के निमंत्रण पर इराक के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कासिम अल-अराजी 22 से 25 मार्च तक अपने भारत दौरे पर हैं। 
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अजीत डोभाल और कासिम अल-अराजी ने दोनों देशों के बीच आपसी हित को लेकर व्यापक बातचीत की। दोनों पक्षों ने चल रहे द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। रक्षा सहयोग बढ़ाने, आतंकवाद विरोधी प्रयासों और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने समेत कई मुद्दों पर सहमत हुए। अधिकारियों ने कहा कि दोनों एनएसए ने अपने-अपने क्षेत्रों में हाल के घटनाक्रमों पर भी वार्ता की। इस दौरान इराकी एनएसए ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का दौरा किया और 'मेक इन इंडिया' पहल के कई उदाहरण देखे। उन्होंने सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स द्वारा आयोजित एक बातचीत में विभिन्न भारतीय रक्षा उद्योग के नेताओं के साथ बातचीत की।

इराकी प्रतिनिधिमंडल ने आगरा का भी दौरा किया।
इराक 2017 से भारत को तेल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता रहा है, जो नई दिल्ली के तेल आयात का लगभग 25 प्रतिशत है। इराक भारत का पांचवां सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है, जिसका इराक से आयात 32 बिलियन अमेरिकी डॉलर और निर्यात 2.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। कुल व्यापार 34.40 बिलियन अमरीकी डालर आंका गया है। 
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बेहतर उपचार के लिए बड़ी संख्या में भारत आते है इराक से मरीज
नवंबर-दिसंबर 2018 में, भारत ने कर्बला के अल कफील अस्पताल में एक कृत्रिम अंग फिटमेंट शिविर का आयोजन किया था, जिसे बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। दान के आधार पर 600 से अधिक विकलांगों को कृत्रिम अंग प्रदान किए। अधिकारियों ने कहा कि शीघ्र ही एक दूसरा शिविर भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुमान के मुताबिक, करीब 33,000 इराकी हर साल भारत आते हैं, जिनमें ज्यादातर इलाज के लिए आते हैं। ऐसा अनुमान है कि इससे भारतीय अस्पतालों को 170 मिलियन अमेरिकी डॉलर मिलते हैं।
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