सूत्रों के मुताबिक, आरबीआई के वरिष्ठतम डिप्टी गवर्नर एनएस विश्वनाथन को केंद्रीय बैंक का अंतरिम प्रमुख बनाया जा सकता है। विश्वनाथन को 4 जुलाई, 2016 को केंद्रीय बैंक में तीन साल के लिए डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया था।
अगर उन्हें आरबीआई का अंतरिम प्रमुख बनाया जाता है तो वह शुक्रवार को होने वाली बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें प्रशासकीय मुद्दों के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में तरलता व कर्ज में नरमी को लेकर फैसला लिया जा सकता है।
चार डिप्टी गवर्नर में सबसे वरिष्ठ हैं विश्वनाथन
रिजर्व बैंक जैसे महत्वपूर्ण संस्थान को ज्यादा समय तक बिना मुखिया के नहीं रखा जा सकता। ऐसे में सरकार जल्द पटेल की जगह नए गवर्नर की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करेगी। रिजर्व बैंक में फिलहाल चार डिप्टी गवर्नर हैं, जिनमें एनएस विश्वनाथन सबसे वरिष्ठ हैं। रिजर्व बैंक के अन्य तीन गवर्नरों में विरल आचार्य, बीपी कानूनगो तथा एम के जैन शामिल हैं।
डिप्टी गर्वनर बनाए जाने से पहले वह आरबीआई के कार्यकारी निदेशक थे। उन्हें हारून आर खान के सेवानिवृत्त होने के बाद डिप्टी गवर्नर बनाया गया था। वह डिप्टी गवर्नर के तौर पर बैंकिंग विनियमन विभाग (डीबीआर), सहकारी बैंकिंग विनियमन विभाग (डीसीबीआर), गैर-बैंकिंग विनियमन विभाग (डीएनबीआर), जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (डीआईसीजीसी), वित्तीय स्थिरता इकाई (एफएसयू), निरीक्षण विभाग, जोखिम निगरानी विभाग (आरएमडी) और सचिव विभाग का जिम्मा संभाल रहे हैं। 58 वर्षीय विश्वनाथन ने 1981 में आरबीआई ज्वाइन किया था। उन्होंने बंगलुरू यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में मास्टर्स किया है।