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एनआरआई को देश में नहीं मिलेगी किराए की कोख

Fri, 06 May 2016 03:23 AM IST
राजीव सिन्हा/नई दिल्ली
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एनआरआई को नहीं मिलेगी किराए की कोख - फोटो : reuters
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अब सिर्फ और सिर्फ देश में रहने वाले भारतीय नागरिकों को ही किराए की कोख (सेरोगेसी) मिलेगी। केंद्र सरकार ने कहा है कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों को अब भारत में किराये की कोख नहीं मिलेगी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह बताया है। किराये की कोख के बढ़ते व्यवसायीकरण और बच्चों केहितों को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है।
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केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने न्यायमूर्ति रंजन गोगई और न्यायमूर्ति एनवी रमण की पीठ को बताया है कि अब भारत में रह रहे भारतीय को ही अब सेरोगेसी की इजाजत दी जाएगी। सॉलिसिटर जनरल ने साफ किया कि सेरोगेसी के बढ़ते व्यवसायीकरण के मद्देनजर अनिवासी भारतीय को भी अब भारत में सेरोगेसी की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि दी असिस्टेड रिप्रोडेक्टिव टेक्रोलॉजी (रेगुलेशन) बिल, 2016 को अंतिम रूप दे दिया गया है और चालू सत्र में ही इस विधेयक को सदन के पटल पर रखा जाएगा।

सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिक जिन देशों में रहते हैं वहां सेरोगेसी को मान्यता नहीं है, वे देश बच्चे को वीजा और नागरिकता देने से इनकार कर देते हैं। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि अधिकतर यूरोप में रहने वाले भारतीय नागरिक सेरोगेसी के लिए भारत आते हैं। जबकि यूरोपीय देशों में सेरोगेसी पर प्रतिबंध है लिहाजा सस्ते में किराये की कोख केलिए वे भारत का रुख करते हैं। इनमें से कई समलैंगिक होते हैं।
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केंद्र सरकार केपक्ष को स्वीकार करते हुए पीठ ने वर्ष 2015 में विदेशों को रहने वाले भारतीय नागरिकों को मिली राहत को बरकरार नहीं रखा जा सकता। वर्ष 2015 में अदालत ने अंतरिम आदेश में विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों को भारत में किराये की कोख की इजाजत दे दी थी। यह देखते हुए की  यह नीतिगत निर्णय है और मौजूदा सत्र में विधेयक को सदन के पटल पर रखा जाएगा, 2015 में दी गई अंतरिम राहत को खत्म किया जाता है। पीठ ने कहा कि अब इस संबंधित याचिकाओं पर तब सुनवाई होगी जब या तो यह विधेयक को बिना किसी बदलाव केया बदलाव के संसद द्वारा कानून न बना लिया जाए।
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