संयुक्त राष्ट्र की वरिष्ठ सलाहकार उषा मिश्रा हेज ने अपनी किताब में नरेगा (अब मनरेगा यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) को भारत में हाल के दिनों में बड़ी सक्सेस स्टोरी बताया है। उन्होंने कहा है कि इससे देश की जनसंख्या के कमजोर वर्ग को भुखमरी से सुरक्षा उपलब्ध कराने में सफलता मिली है। उषा मिश्रा की यह किताब लगातार बदलती नीतियों की दुनिया को लेकर है जो एशियाई और अफ्रीकी देशों में समाजिक सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करती है।
'सोशल प्रोटेक्शन: लैंड्स ऑफ ब्लॉसमिंग होप' नामक अपनी इस किताब को लेकर विकास विशेषज्ञ हेज कहती हैं कि यह किताब हमारी जीत और गलतियों की याद दिलाती है। यह हमारे जैसे उन संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों के लिए है और जिनका मकसद 'अंतर लाना' है। यह हमारी अज्ञानता, हमारी गलतियों के साथ-साथ हमारी लगन, जुनून, दृढ़ता और प्रतिबद्धता के बारे में है। नरेगा को लेकर इसमें कहा गया है कि यह भारत में हाल के दिनों की बड़ी सक्सेस स्टोरी है।
यूनिसेफ (संयुक्त राष्ट्र बाल कोष) के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा समग्र वृद्धि और विकास की कुंजी है। दूसरे शब्दों में सामाजिक सुरक्षा को गरीबी और अभाव के लिए आर्थिक और सामाजिक कमजोरियों को रोकने, कम करने और समाप्त करने के उद्देश्य से सार्वजनिक और निजी नीतियों और कार्यक्रमों के एक समूह के रूप में परिभाषित किया जाता है।