120 दिनों में करनी होगी अपील
जिन लोगों के नाम एनआरसी की सूची में शामिल नहीं हैं उनके पास अपील करने के लिए केवल तीन महीने यानी 120 दिन हैं। पहले यह समयसीमा केवल 60 दिनों की थी जिसे बढ़ाया गया है। शेड्यूल ऑफ सिटिजनशिप के सेक्शन 8 के मुताबिक लोग एनआरसी में नाम न होने पर अपील कर सकते हैं। अपील की आखिरी तारीख 31 दिसंबर, 2019 तक है। गृह मंत्रालय के आदेश के तहत एनआरसी विवाद के निपटारे के लिए 1,000 न्यायाधिकरणों का गठन किया गया है।
गरीब परिवारों को मिलेगी कानूनी मदद
असम सरकार ने साफ किया है कि सूची में नाम शामिल न होने वाले परिवार यदि गरीब हैं और कानूनी लड़ाई लड़ने में अक्षम हैं तो उनकी मदद की जाएगी। वहीं सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी दलों ने भी ऐसे लोगों की मदद का भरोसा दिया है।
विधेयक लाकर मदद कर सकती है केंद्र सरकार
असम में ऐसे कई हजार परिवार हैं जिनकी पीढ़ी असमिया है लेकिन उनका नाम सूची में शामिल नहीं है। ऐसे लोगों की परेशानियों का निपटारा करने के लिए सरकार कोशिश कर रही है। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल का कहना है कि सूची में गलत तरीके से शामिल हुए विदेशी और सूची से बाहर हुए भारतीयों को लेकर केंद्र सरकार कोई विधेयक ला सकती है।