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एनआरसी मामला : तृणमूल कांग्रेस नेता बोले, हमें घुसपैठियों की तरह खदेड़ा गया

Sat, 04 Aug 2018 05:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सिलचर/कोलकाता
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सिलचर एयरपोर्ट पर टीएमसी नेताओं को हिरासत में लेते पुलिसकर्मी।
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एनआरसी का अंतिम मसौदा प्रकाशित होने के बाद राज्य के हालत का जायजा लेने गए तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया है कि सिलचर एयरपोर्ट पर उनके साथ घुसपैठियों की तरह व्यवहार किया गया और वहां से खदेड़ दिया गया। 

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रातभर एयरपोर्ट पर हिरासत में रहने के बाद आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल छह नेता शुक्रवार सुबह यहां लौटे। कछार के जिला उपायुक्त एस. लक्ष्मणन ने बताया कि छह नेता सुबह ही सिलचर से कोलकाता रवाना हुए जबकि बाकी दो सांसद ममताबाला ठाकुर और अर्पिता घोष दोपहर बाद लौटे। उक्त प्रतिनिधिमंडल में छह सांसदों के अलावा एक विधायक और राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम शामिल थे।

बता दें कि ये लोग एनआरसी में नहीं शामिल हो पाए लोगों से मिलने सिलचर गए थे। टीएमसी के राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर राय ने यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बताया कि जिस तरह घुसपैठियों को खदेड़ा जाता है उसी तरह हमें खदेड़ा गया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ धक्का मुक्की का आरोप लगाते हुए कहा कि महिला सदस्यों को भी नहीं बख्शा गया। 
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असम पुलिस ने दुर्व्यवहार के आरोपों खारिज किया
सुखेंदु शेखर राय ने सवाल किया कि छह सांसद, एक मंत्री और एक विधायक किसी राज्य में गड़बड़ी कैसे पैदा कर सकते हैं? कछार जिले में जारी निषेधाज्ञा में कहा गया था कि हथियार व विस्फोटक लेकर चलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। क्या प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों के पास ऐसी चीजें थीं? इस बीच, असम पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस सांसदों के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों खारिज किया। 

देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात : तृणमूल कांग्रेस 
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने सिलचर से रवाना होने से पहले संवाददाताओं से कहा कि पुलिस उन्हें बाहर नहीं जाने दे रही है। इसलिए वह वापस जा रहे हैं। उन्होंने एयरपोर्ट पर बने तीन कमरों में रात गुजारी। प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने आरोप लगाया कि सांसदों और एक मंत्री के साथ जिस तरह व्यवहार किया गया उससे साफ है कि लोकतंत्र खतरे में है। देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात हैं। 

नेताओं की धक्का मुक्की से दो महिला कांस्टेबल घायल : असम पुलिस 
वहीं, असम के पुलिस महानिदेशक कुलधर सैकिया ने कहा कि पुलिस ने सांसदों को बेहद सम्मान के साथ बाहर के हालात की जानकारी दी और कहा कि बाहर धारा 144 लागू होने से उन्हें शहर में नहीं जाने दिया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि इन नेताओं की धक्का मुक्की से असम पुलिस की दो महिला कांस्टेबल घायल हो गई हैं।

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