फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजादी का अमृत महोत्सव: अब घर बैठे करें राष्ट्रीय म्यूजियम का दीदार, केंद्र सरकार ने हाईब्रिड से जोड़ा, पंसदीदा भाषा में मिलेगी जानकारी 

Wed, 18 May 2022 06:12 AM IST
देव कश्यप सीमा शर्मा, नई दिल्ली।

सार

आजादी का अमृत महोत्सव के तहत देश के सभी राष्ट्रीय म्यूजियम एक साथ जुड़े चुके हैं। यह म्यूजियम अब हाईब्रिड मोड पर काम करते हैं। इसका अर्थ है कि जो म्यूजियम जाना चाहते हैं वे वहां जानकारी लें। इसके अलावा दूर-दराज, छोटे शहरों के बच्चों से लेकर आम लोग घर बैठे ऑनलाइन म्यूजियम से रूबरू हो सकेंगे।
विज्ञापन
नेशनल म्यूजियम - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अब प्राचीन भारत को जानने के लिए म्यूजियम जाना जरूरी नहीं होगा। दूरदराज, ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों के लोग अब घर बैठे म्यूजियम की जानकारी से लेकर दीदार कर सकेंगे। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने वैश्विक महामारी कोरोना की आपदा को तकनीक का प्रयोग करके अवसर में बदल दिया है।

विज्ञापन


आजादी का अमृत महोत्सव के तहत देश के सभी राष्ट्रीय म्यूजियम एक साथ जुड़े चुके हैं। यह म्यूजियम अब हाईब्रिड मोड पर काम करते हैं। इसका अर्थ है कि जो म्यूजियम जाना चाहते हैं वे वहां जानकारी लें। इसके अलावा दूर-दराज, छोटे शहरों के बच्चों से लेकर आम लोग घर बैठे ऑनलाइन म्यूजियम से रूबरू हो सकेंगे। इसके लिए उन्हें  उनकी भाषा में 9 से 30 मिनट तक का स्लॉट तैयार करके ऑनलाइन जोड़ा जाता है। स्लॉट छोटे रखने का मकसद है कि दर्शक जानकारी लेते हुए बोरियत महसूस न करें।

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, आजादी के 75 साल में पहली बार म्यूजियम को एक साथ जोड़ने पर काम हुआ है। अब एक क्लिक पर सभी म्यूजियम की जानकारी उपलब्ध है। म्यूजियम को फेसबुक, ट्विटर से लेकर यू-टयूब से भी जोड़ दिया गया है, ताकि युवाओं समेत एक बड़े तबके को उससे जोड़ा जा सके। पहली बार इंटरनेशनल म्यूजियम डे पर आजादी का अमृत महोत्सव के तहत सभी म्यूजियम में एक सप्ताह तक कार्यक्रम चलेंगे। इसके अलावा इस दौरान सभी दर्शकों को टिकट नहीं खरीदनी पड़ेगी। 
विज्ञापन


वी द कंट्री
वी द कंट्री योजना में देश के सभी आदिवसासी समुदाय से जुड़ी प्राचीन जानकारियां मिलेंगी। इसमें हिमाचल, उत्तराखंड, नॉर्थ-ईस्ट, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र आदि राज्यों की प्राचीन कलाकृतियां, जूलरी, कपड़े, युद्ध के दौरान पहने जाने वाले कपड़े आदि शामिल हैं। म्यूजियम में जैसे संबंधित राज्य की भाषा में अनुवाद किया जाता है, वैसे ही घर बैठे वहीं अनुभव दर्शकों को मिलेगा। 

म्यूजियम मॉस्टर पीस
इस योजना में सूचना व प्रौद्योगिकी, थ्री डी तकनीक के माध्यम से सभी म्यूजियम से जुड़ी जानकारियां मिलेगी। हर म्यूजियम के पास कुछ 
मॉस्टर पीस होते हैं, उन्हें दर्शकों को घर बैठे दिखाया व समझाया जाएगा। दिल्ली के नेशनल म्यूजियम की अजंता वैली कुछ दर्शकों ऐसे ही सफर करवाती है। थ्री डी तकनीक के माध्यम से दर्शक इसमें अंजता की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

यूपी, दिल्ली, कोलकात्ता, गोवा के म्यूजियम जुड़े
इंडियन कल्चर पोर्टल में इलाहाबाद म्यूजियम प्रयागराज, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण गोवा, इंडियन म्यूजियम कोलकात्ता, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट दिल्ली, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट नई दिल्ली, नेशनल म्यूजियम नई दिल्ली समेत 11 अन्य म्यूजियम इसमें जोड़े गए हैं। 

घर बैठे सर्टिफिकेट कोर्स का भी मौका
देश भर के यह राष्ट्रीय म्यूजियम अब घर बैठे सर्टिफिकेट कोर्स का मौका भी दे रहे हैं। रिसर्च स्कॉलर से लेकर छात्र या आम लोग इन कोर्स को घर बैठे कर सकते हैं। 

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और छात्रों को जोड़ने पर काम
म्यूजियम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और छात्रों को जोड़ने पर काम किया जा रहा है। एनजीओ की मदद से इन राष्ट्रीय म्यूजियम में ऐसे आर्थिक अभावों वाले छात्रों को मुफ्त में बस के माध्यम से म्यूजियम तक लाया जाता है। आना-जाने से लेकर खाना का पूरा खर्चा म्यूजियम उठाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें