केंद्रीय सड़क परिवहन एवं पोत मंत्री नितिन गडकरी ने सड़कों के जाल बिछाने का रोडमैप बनाया है इसमें उत्तराखंड की चार धाम यात्रा, द्वारका-भेंट द्वारका, राम से जुड़े स्थल, महात्मा बुद्ध से जुडे. स्थलों और वैष्णो देवी की सड़क यात्रा को आधुनिक एवं बेहतर बनाया जाएगा।
सड़क के जरिए इतिहास खासतौर से धार्मिक स्थलों को एक सूत्र में पिरोने की तैयारी पर गडकरी ने कहा कि राम सर्किट, बुद्ध सर्किट, वैष्णो देवी, कैलास मानसरोवर और उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के लिए बेहतर सड़के बनेंगी। धार्मिक स्थलों को जोडने वाली सड़कों का खाका पेश करते हुए गड़करी ने कहा कि इन कार्यों पर जल्द अमल शुरू होगा। ये सभी परियोजनाएं अगले तीन वर्षों में पूरी हो जाएंगी।
उन्होंने बताया कि वैष्णों देवी की यात्रा को सुगम बनाने के लिए दिल्ली से कटरा तक विशेष एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाएगा। 1100 किमी. सड़क बनाने पर 12000 करोड़ खर्च होंगे। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से हरियाणा कें जींद होते हुए पंजाब और जम्मू के कटरा तक पहुंचेगी। दूसरे चरण में यह एक्सप्रेसवे श्रीनगर तक जुड़ेगा। इसपर 160 की गति से वाहन चलाने की तैयारी है। बिना कहीं रुके हुए वाहन सीधे कटरा जा सकेंगे।
राम सर्किट का निर्माण 8000 करोड़ की लागत से होगा। इस परियोजना के तहत राम के विवाह स्थल नेपाल स्थित जनकपुर से लेकर उनके वनवास काल के इलाकों को सड़क के सर्किट से जोड़ा जाएगा। 14 वर्ष के वनवास के तहत राम जिन क्षेत्रों से गुजरे, उन सभी प्रमुख स्थलों को विकसित भी किया जाएगा। बुद्धा सर्किट पर 4000 करोड़ रूपए खर्च होंगे। गडकरी के अनुसार तो बुद्धा सर्किट के तहत वाराणसी के सारनाथ से लेकर महात्मा बुद्ध के जन्म स्थान नेपाल स्थित लुबंनी और उनके जीवन से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को सड़क से जोड़ा जाएगा।
(प्रेस कांफ्रेस के दौरान नितिन गडकरी फोटो- PTI)
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से होकर मानसरोवर की सड़क मार्ग के जरिए यात्रा न सिर्फ आसान होगी। बल्कि हर मौसम में यात्रा जारी रह सकेगी। गडकरी ने बताया कि पिथौरागढ़ के रास्ते मानसरोवर की यात्रा अगले मई से सुगम हो सकेगी। 46 किमी. तक विशेष मार्ग बनाए जा रहे हैं। कई जगह हिमालय काटने की नौबत है। इसके लिए आस्ट्रेलिया से मशीन मंगाई गई हैं। इसके अलावा बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की चार धाम यात्रा को हर मौसम के लिए सुगम बनाने के प्रयास में शुरू होने वाली विशेष परियोजना भी जल्द शुरू होगी। इसे हरी झण्डी दिखाने के लिए पीएम मोदी का समय तय होने का इंतजार है। तीन लेन की बनने वाली इस सड़क पर 12000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। गड़करी ने कहा कि दिल्ली से हरिद्वार तक के एक्सप्रेसवे के काम में तेजी है। वहीं द्वारका से भेंट द्वारका के बीच एक नायाब पुल बनाने का गडकरी ने मन बनाया है। तो महाराष्ट्र के लिए भी एक परियोजना शुरू की जा रही है।
अमर उजाला से बातचीत में गडकरी ने कहा कि केवल रोड नहीं बनेंगे बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत को आपस में जोड़ा जाएगा। गडकरी के अनुसार धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले विशेष सर्किट के सड़कों पर यात्रियों के ठहरने के लिए थ्री स्टार की सुविधा वाले यात्री विश्राम स्थल बनेंगे। इसमें सारी सुविधाएं मुहैया रहेंगी।
यूपी के पत्रकारों से गडकरी ने जाना सड़कों का हाल
नितिन गडकरी ने यूपी के प्रमुख 11 केंद्रों के पत्रकारों से विडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सीधी बातचीत की। अपने अधिकारियों के सामनेव् ही उन्होंने आगरा, अलीगढ़, मेरठ, बरेली, कानपुर, लखनउ, गोरखपुर, इलाहाबाद, गाजियाबाद, झांसी, और वाराणसी के पत्रकारों से बातचीत कर राष्ट्रीय राजमार्ग और उसके हालातों पर चर्चा की। इस चर्चा में गड्ढों, दुर्घटना जोन, भुगतान में विलंब और कार्य में होने वाली देरी की बातें निकलकर सामने आईं। कई बातें तो ऐसी मिलीं जिनके बारे में गडकरी तक को नहीं पता था। इस चर्चा के जरिए गडकरी को राजमार्ग के अधिकारियों पर दबाव बनाने का मौका मिला है। तो उनसे बातचीत कर विभिन्न शहरों के पत्रकार भी बेहद खुश नजर आए।