तमिलनाडु के सुलूर में चल रही वायुसेना की तरंग शक्ति एयर एक्सरसाइज के पहले चरण के आख़िरी दिन वायुसेना प्रमुख से अहम एलान किया। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने मंगलवार को कहा कि तरंग शक्ति के सफल समापन के बाद भारतीय वायुसेना हर साल बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास तरंग शक्ति की मेजबानी करेगी। उन्होंने कहा कि 29 अगस्त से राजस्थान के जोधपुर में होने वाले अभ्यास के दूसरे चरण के बाद, वायुसेना एक्सरसाइज की डीब्रीफिंग से इनपुट एकत्र करेगी। जिसके बाद यह तय किया जाएगा कि हवाई अभ्यास के लिए कितने देशों को आमंत्रित किया जाए।
इस अभ्यास में फ्रांस, जर्मनी और स्पेन की वायुसेना के प्रमुख मौजूद थे। जर्मनी वायुसेना चीफ जनरल स्टीफन मिले, फ़्रांस वायुसेना के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल इंगो गेरहार्ट्ज और स्पेन की वायुसेना के चीफ एयर जनरल फ्रांसिस्को ब्राको कार्बो के साथ यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा, हम निश्चित रूप से हर दूसरे वर्ष इस अभ्यास को आयोजित करने का मामला उठाएंगे। हम बाद में फैसला करेंगे कि हम कितने देशों को इसमें शामिल कर सकते हैं। भारतीय वायुसेना सेना प्रमुख ने कहा कि निश्चित रूप से यह आखिरी अभ्यास नहीं होगा।
मंगलवार को वायुसेना प्रमुख ने स्पेनिश चीफ जनरल फ्रांसिस्को ब्राको कार्बो के साथ रूसी मूल के सुखोई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। जबकि जनरल स्टीफन मिल और लेफ्टिनेंट जनरल इंगो गेरहार्ट्ज ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) दके बनाये हल्के लड़ाकू विमान एलसीए तेजस में उड़ान भरी।
भारतीय वायुसेना ने देश भर की कुल 51 वायुसेनाओं को आमंत्रित किया है, जिनमें से 10 लड़ाकू विमानों के साथ हैं। अभ्यास के पहले चरण में जर्मनी, फ्रांस, स्पेन और यूनाइटेड किंगडम की वायु सेनाओं ने अपने-अपने लड़ाकू विमानों के साथ भाग लिया। जर्मनी, स्पेन और यूनाइटेड किंगडम अपने यूरोफाइटर टाइफून लेकर आए हैं, जबकि फ्रांस अपने राफेल जेट लेकर आया है। ये वायु सेनाएं ऑस्ट्रेलिया में अभ्यास पिच ब्लैक 2024 में भाग लेने के बाद अभ्यास में शामिल हुई हैं। अपने होम बेस पर लौटते समय, उन्होंने इस अभ्यास में भाग लिया।
अभ्यास के अंतिम दिन, भारतीय वायु सेना के हल्के हेलीकॉप्टर लड़ाकू प्रचंड, हल्के उपयोगिता हेलीकॉप्टर, ट्रेनर एचटीटी-40, सारंग हेलीकॉप्टर टीम और एलसीए ने अपने हवाई युद्धाभ्यास से सुलूर वायु सेना स्टेशन पर मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पहली बार, जर्मनी ने भारतीय धरती पर किसी हवाई अभ्यास में भाग लिया और उसके यूरोफाइटर टाइफून ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।