एनआरसी का अंतिम मसौदा प्रकाशित होने के बाद अब त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब की नागरिकता पर घमासान मचा है। बीते चार दिनों में विकिपीडिया पर उनकी प्रोफाइल में कम से कम 37 बार संशोधन करते हुए संपादकों ने दावा किया है कि देब का जन्म बांग्लादेश में हुआ था और वह अपने माता-पिता के साथ अवैध तरीके से भारत आए थे।
फिर भी इस मुद्दे पर विवाद थमता नहीं नजर आ रहा है। दरअसल, उनकी प्रोफाइल पर बीते बृहस्पतिवार को सुबह किसी ने लिख दिया कि देब का जन्म बांग्लादेश के चांदपुर में हुआ था। इसमें कहा गया था कि उनका जन्म 25 नवंबर, 1971 को हुआ था।
उसके बाद भी प्रोफाइल में कई बार बदलाव किया गया। कभी उनका जन्म त्रिपुरा के गोमती जिले में बताया गया तो कभी बांग्लादेश के चांदपुर में। इसमें लिखा गया था कि वर्ष 1971 में ही माता-पिता के साथ शरणार्थी के तौर पर अवैध तरीके से भारत में घुसने के बाद देब ने त्रिपुरा में पढ़ाई की।
प्रोफाइल में बार-बार होने वाले बदलावों से परेशान मुख्यमंत्री दफ्तर को भी आखिरकार सफाई देनी पड़ी। देब के मीडिया सलाहकार संजय मिश्र ने कहा है कि मुख्यमंत्री के पिता ने नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत 27 जून, 1967 को राज्य के उदयपुर के बाशिंदे के तौर पर अपनी नागरिकता दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि देब का जन्म गोमती जिला मुख्यालय उदयपुर में 25 नवंबर, 1971 को हुआ था। उन्होंने देब का जन्म बांग्लादेश में होने की खबरों को निराधार बताया।
ऐसी वेबसाइटों की सामग्री की निगरानी जरूरी
देब के मीडिया सलाहकार संजय मिश्र ने कहा है कि विकिपीडिया और ऐसी दूसरी वेबसाइटों की सामग्री की निगरानी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रोफाइल में झूठे बदलाव विकास की राजनीति पर भरोसा नहीं करने वाले लोगों की करतूत है।