संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रहने वाले भारतीय अब वहां से भारत में मोबाइल फोन के जरिये रकम भेज सकेंगे। वे घरेलू एटीएम कार्ड से ही वहां पर एटीएम से पैसे निकाल सकेंगे और पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) के साथ ई-कॉमर्स से लेनदेन कर सकेंगे।
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने बृहस्पतिवार को यूएई के अल एतिहाद पेमेंट्स से करार किया है। इससे यूएई में रह रहे करीब 35 लाख भारतीयों को फायदा होगा। ये लोग सालाना 20 अरब डॉलर भारत में भेजते हैं। यूएई में 23 लाख भारतीय संगठित क्षेत्रों में नौकरी करते हैं। इन लोगों के पास यहां बैंकिंग सुविधा नहीं है और ये अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से भी बाहर हैं। लाभार्थी पहचानकर्ता (मोबाइल नंबर वीपीए) का उपयोग करके भारत की तरह निर्बाध लेनदेन कर सकेंगे। दोनों देशों के उपयोगकर्ताओं के लिए वास्तविक समय पर सीमा पार रकम भेजने की कम लागत होगी। इससे ग्राहक लगने वाले शुल्क को दोनों देशों की मुद्राओं में देख सकेंगे।
एटीएम, पीओएस पर होगा घरेलू कार्ड का उपयोग
कार्ड स्विच को एक दूसरे से जोड़ने से कार्डधारक एटीएम, पीओएस टर्मिनलों और ई-कॉमर्स लेनदेन पर एक-दूसरे के अधिकार क्षेत्र में घरेलू कार्ड का उपयोग कर सकेंगे। समझौते के तहत भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) और यूएई के इंस्टेंट पेमेंट्स प्लेटफॉर्म (आईपीपी) को एक साथ जोड़ा जाएगा, ताकि दो देशों के बीच सीमा पार लेनदेन को अधिक आसानी से किया जा सके।
रुपये व दिरहम में कारोबार बढ़ाने की संभावना तलाश रहे दोनों देश: गोयल
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और यूएई रुपये एवं दिरहम में कारोबार को बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इससे द्विपक्षीय व्यापार को काफी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, हमने रुपये-दिरहम व्यापार को और बढ़ाने पर विचार किया है। इसे यूएई के केंद्रीय बैंक और आरबीआई के प्रयासों से चलाया जा रहा है। निवेश पर भारत-यूएई के उच्चस्तरीय कार्यबल की 11वीं बैठक में शामिल होने यहां आए गोयल ने कहा, उद्योग व बैंकरों के साथ मिलकर रुपये-दिरहम व्यापार को और अधिक तेजी से बड़े पैमाने पर संचालित करने के लिए काम किया जाएगा। गोयल ने अबू धाबी निवेश प्राधिकरण के एमडी शेख हमीद बिन जायद अल नाहयान संग अध्यक्षता की।