अब देश भर के सरकारी स्कूलों में गृहिणी, एनआरआई, पूर्व सैन्य कर्मी भी फ्री टाइम में स्कूलों में पढ़ाएंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी विध्यांजलि योजना का खाका तैयार कर रहा है। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 जून को इस योजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। योजना के तहत इन लोगों को उनके एक्सपर्ट विषय के अनुसार अपने इलाके के स्कूलों में पढ़ाने का मौका दिया जाएगा। खास बात यह है कि देशभर की 20 राज्य सरकारों ने मंत्रालय को इस योजना से जुड़ने की इच्छा व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैस सिलेंडर की सब्सिडी छोड़ने वाली योजना गिव इट अप की तर्ज पर अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय स्कूली स्तर पर बच्चों को शिक्षा दान करने के लिए एक अनोखी योजना विध्यांजलि लेकर आ रहा है। इस योजना के तहत स्कूली बच्चों को पढ़ाने को स्वैच्छिक सेवा के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। योजना को धरातल पर लाने के लिए मंत्रालय ने राज्य सरकारों से संपर्क भी किया है। इसी के तहत 20 राज्य सरकारों ने जुड़ने की सहमति दी है। इस योजना में प्रदेश सरकार का शिक्षा विभाग प्रत्येक जिले में सरकारी स्कूलों में सूचना जारी करेगा।
इसके बाद स्थानीय प्रशासन ऐसे लोगों को अपने इलाके के सरकारी स्कूलों में अपनी सुविधा से पढ़ाने के लिए मौका देगा। दरअसल, देश के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की भारी कमी है। ऐसा भी देखा गया है कि कई स्कूलों में स्कूल का जिम्मा एक ही अध्यापक पर है। इस योजना से इन स्कूलों में अध्यापकों की भरपाई हो सकेगी।
गणित, साइंस, अंग्रेजी में आगे बढ़ने का मौका
इस योजना के माध्यम से रखे जाने वाले वॉलंटियर से गणित, साइंस, अंग्रेजी, शास्त्रीय संगीत, संस्कृत, योगा व सोशल साइंस विषय में मदद ली जाएगी। सात विभिन्न श्रेणियों के लोगों से उन्हीं क्षेत्र में छात्रों को पढ़ाने का मौका दिया जाएगा, जिसमें उन्हें महारत है। इसके अलावा सैन्य कर्मियों को जोड़ने का मुख्य मकसद बच्चों में देश प्रेम, अनुशासन के प्रति संवेदनशील बनाना है।
वॉलंटियर नियमित शिक्षकों के बदले नहीं होंगे
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में विध्यांजलि योजना को शुरू करने की बात कही थी। इसी के तहत 20 राज्य सरकारों ने जुड़ने की सहमति दी है। योजना के तहत केंद्र सरकार सरकारी स्कूलों में स्कूल सह-शैक्षिक कार्यकलापों के लिए स्वैच्छिक कार्य के लिए रिटायर्ड आर्मी, एयरफोर्स, नेवी, टीचर, एनआरआई, गृहिणी, रिटायर्ड गवर्नमेंट सर्वेंट के साथ रिटायर्ड व्यावसायियों को शामिल करेगा। हालांकि यह वॉलंटियर नियमित शिक्षकों के बदले नहीं होंगे। उन्हें औपचारिक शिक्षण में नहीं लगाया जाएगा।