राष्ट्रपति के पूर्व फिजिशियन डॉ. मोहशिन वाली बताते हैं कि कोरोना भय के चलते अस्पतालों को बंद करना उचित नहीं है। इस वक्त अस्पतालों की देश को सबसे ज्यादा जरूरत है। यह सच है कि लॉकडाउन के बाद से अस्पतालों में खाली बिस्तरों की संख्या बढ़ गई है लेकिन महामारी से लडने के लिए इन्हें तैयार रखना पड़ेगा।
आगरा से सैफई पहुंचा दिए गए मरीज
टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. गिरधर ज्ञानी ने बताया कि आगरा मेडिकल कॉलेज के मरीजों को 116 किमी दूर सैफई भेजा जा रहा है। इससे पहले उन्हें कभी सुनाई नहीं दिया कि 100 किलोमीटर दूर किसी शहर के अस्पताल में मरीजों को भेजा जा रहा हो। उन्होंने इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय को जानकारी भी दी।
...तो इसलिए मरीजों को भर्ती करना कर दिया बंद
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, महाराष्ट्र में सात, बिहार में चार, कर्नाटक में छह, गुजरात में पांच, दिल्ली में 10, तमिलनाडु में पांच, आंध्र प्रदेश में दो अस्पताल सील किए गए। भय के चलते प्राइवेट अस्पतालों ने मरीज भर्ती करना बंद कर दिए या कोविड जांच पर जोर देने लगे। इसीलिए सरकार ने सख्त दिशा निर्देश जारी करते हुए अस्पतालों को बेवजह जांच न करते हुए मरीजों के उपचार पर जोर देने के लिए कहा है।