अपने घर की छत पर
विमान बनाने का कारनामा कर दिखाने वाले कैप्टन अमोल यादव के सपनों को पंख लगने वाले हैं।
मुंबई में शुरू तीन दिवसीय मैग्नेटिक महाराष्ट्र में मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थित में अमोल यादव की कंपनी थर्स्ट एयरक्राफ्ट के साथ 35 हजार करोड़ रुपये का सामंजस्य करार किया गया। इससे अब जल्द ही देश में मेक इन इंडिया का विमान उड़ान भरेगा।
महाराष्ट्र के पालघर में पहला स्वदेशी विमान कारखाना बनेगा जिसमें करीब 10 हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा। अमोल यादव ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि अब तक विदेश से विमान मंगाए जाते थे, लेकिन अब जल्द ही स्वदेशी विमान तैयार होगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने विमान कारखाना के लिए पालघर में 155 एकड़ जमीन देने के लिए सामंजस्य करार किया है।
उन्होंने कहा कि हमने पहला विमान बनाना शुरू कर दिया है। पहले चरण में चार विमान तैयार किए जाएंगे जिसमें 200 करोड़ रुपये की लागत आएगी। पहला विमान चार से छह महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद उसका ट्रायल होगा और फिर नियमित उड़ान शुरू की जाएगी। सभी विमान 19 सीटर होंगे। छोटा विमान होने से यह हर एयरपोर्ट से उड़ान भर सकेगा। छोटे विमान से जहां देश में रीजनल कनेक्टिविटी बढ़ेगी वहीं बड़ी मात्रा में रोजगार का सृजन भी होगा। विमान कारखाना के लिए महाराष्ट्र्र सरकार जमीन, पानी और बिजली के अलावा आर्थिक मदद भी मुहैया कराएगी।