फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Elephants: भारत में अब हर हाथी के पास होगा अपना आधार, हाथियों का संरक्षण और दुरुपयोग रोकने की कवायद

Sun, 01 Oct 2023 05:13 AM IST
जलज मिश्रा पूनम मेहता, नई दिल्ली

सार

इस बार बाघ संख्या आकलन की तर्ज पर हाथियों की संख्या का भी आकलन नई और पुरानी पद्धतियों को मिलाकर किया जा रहा है। इसमें पहले केवल कैमरे से फोटो लेकर उनकी संख्या का अनुमान लगाया जाता था।
विज्ञापन
हाथी - फोटो : Pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत सरकार का दिसंबर में आने वाला हाथी आकलन पूरी दुनिया में अनोखा होगा। इसमें सभी हाथियों की गणना के साथ उनकी विशिष्ट पहचान भी होगी। यह बिलकुल मनुष्यों की तरह ही बेहतरीन यूनिक आईडी सिस्टम यानी आधार कार्ड से लैस होंगे।
विज्ञापन

भारत में किसी बड़े जानवर को बेहतर यूनिक आईडी कार्ड देने की यह पहली कोशिश है। इसके तहत देश में 300 हाथियों का आधार उन्हें आवंटित किया जा चुका है। इससे हाथी का संरक्षण होगा और दुरुपयोग रुकेगा। देश में पालतू और जंगली हाथियों का पुख्ता डाटाबेस तैयार हो जाएगा। इसमें उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां इसी साल अप्रैल में ही पालतू हाथियों को शत प्रतिशत आधार समेत विशेष माइक्रोचिप से लैस किया गया है, ताकि इस शर्मीले पशु की पहचान के साथ उसका दुरुपयोग न हो सके।

डीएनए मैपिंग पर आधारित हाथियों की सुरक्षा
इस बार बाघ संख्या आकलन की तर्ज पर हाथियों की संख्या का भी आकलन नई और पुरानी पद्धतियों को मिलाकर किया जा रहा है। इसमें पहले केवल कैमरे से फोटो लेकर उनकी संख्या का अनुमान लगाया जाता था। अब डीएनए मैपिंग में हाथियों के पैरों की छाप और चेहरे के आकार के साथ उनके खून और लीद का सैंपल लिया जाता है। साथ ही, हाथियों के झुंड की तस्वीर निकाली जाती है। सभी पैरामीटर को संकलित करके यूनिक आईडी को तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन


देश में करीब 27,312 हाथी
2017-18 की गणना के मुताबिक देश में 27,312 के करीब हाथी थे, जिनकी संख्या इस साल बाघ आकलन के साथ आए नतीजों में बढ़कर 30 हजार से ज्यादा है, क्योंकि इस बीच संरक्षण के प्रयासों और देश में हाथियों के महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नए ठिकानों पर भी अपनी आमद दर्ज कराई है।

असम में हाथियों के झुंड के हमले में रेंजर की मौत
असम के जोरहाट जिले में जंगली हाथियों के एक झुंड के हमले में एक रेंजर की मौत हो गई, जबकि विभाग के तीन कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना शुक्रवार को हुई, जब मरियानी वन क्षेत्र के रेंजर के नेतृत्व में वनकर्मी जंगली हाथियों वन्यजीव अभयारण्य में भेज रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें