इलाहाबाद हाईकोर्ट में आने वाले वादकारी अपना आधार कार्ड दिखाकर सीधे प्रवेश पा सकेंगे। कोर्ट के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी आधार कार्ड को बायोमैट्रिक सिस्टम से स्कैन कर वादकारी के डिटेल की इंट्री करेंगे। इस व्यवस्था के लागू होने तक अधिवक्ता के चैंबर तक जाने के लिए पास बनाने की व्यवस्था प्रवेश द्वार पर ही की जा रही है। इससे वादकारी सिर्फ वकील से मिलने के लिए पास बनवाने हेतु एफिडेविट सेंटर तक जाने से बच जाएंगे।
हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष इंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि बार की तमाम मांगों को लेकर मुख्य न्यायाधीश और हाईकोर्ट सुरक्षा कमेटी के चेयरमैन जस्टिस सुधीर अग्रवाल तथा अन्य जजों से हुई वार्ता में तमाम समस्याओं के निराकरण पर सहमति बनी है। बार की काफी समय से मांग थी कि वादकारियों को सिर्फ परिचयपत्र दिखाकर प्रवेश की अनुमति दी जाए। इसके लिए योजना तैयार कर ली गई है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से आधार डाटा मांगा है।
डाटा मिलने के बाद वादकारी अपना आधार कार्ड दिखाकर प्रवेश पा सकेंगे। हालांकि मुकदमे की सुनवाई हेतु कोर्ट में जाने के लिए उनको पहले की तरह ही अपने वकील के मार्फत पास बनवाना होगा। आधार की व्यवस्था सिर्फ चैंबर तक के लिए की गई है। बार अध्यक्ष के मुताबिक वकीलों के लिए पार्किंग की समस्या हल की जा रही है। हाईकोर्ट क्रिकेट ग्राउंड पर चकर्ड प्लेट बिछा दी गई है।
इसमें 350 वाहन खड़े हो सकेंगे। पार्किंग एलाट करने के लिए 350 अधिवक्ताओं के नाम हाईकोर्ट को उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसी प्रकार से महिला अधिवक्ताओं के लिए वॉशरूम और टॉयलेट भी क्रियाशील हो गया। पेयजल की समस्या से भी निजात जल्दी मिल सकेगी। वाटर कूलर खरीदे जा चुके हैं जल्दी ही उनको लगा दिया जाएगा।
अनशन की चेतावनी
हाईकोर्ट बार के उपाध्यक्ष आरएन ओझा ने विज्ञाप्ति जारी कर कहा है कि बार की समस्याओं का निराकरण नहीं होने के विरोध में 10 अक्तूबर से अधिवक्ता क्रमिक अनशन करेंगे। जबकि बार अध्यक्ष आईके चतुर्वेदी ने इसका खंडन करते हुए कहा कि समस्याओं का निराकरण काफी हद तक हो चुका है तथा मंगलवार को कार्यकारिणी की कोई बैठक नहीं हुई है।