सुप्रीम कोर्ट ने यशोदा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के डॉक्टरों को रिपोर्ट दाखिल कर यह बताने के लिए कहा है कि डीपी यादव सर्जरी कराने के लिए फिट हैं या नहीं? शीर्ष अदालत ने डीपी यादव को चेताया है कि वह अंतरिम जमानत का फायदा उठाने की कोशिश न करें। मालूम हो कि विधायक महेन्द्र सिंह की हत्या में डीपी यादव को उम्रकैद की सजा मिली है। सर्जरी कराने के नाम पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों डीपी यादव को 15 दिनों के लिए अंतरिम जमानत दी थी।
चीफ जस्टिस रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को इस बात पर बेहद आपत्ति जताई कि अब तक डीपी यादव का ऑपरेशन पूर्व होने वाले टेस्ट नहीं हो सका है। वास्तव में पीठ ने पाया कि वायरल बुखार होने के कारण उनका टेस्ट नहीं हो पाया है। पीठ ने चेतावनी देते हुए कहा, % नाजायज फायदा उठाने की कोशिश नहीं की जाए। हम आपको दोबारा जेल में भेज देंगे। हम डॉक्टरों के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।’
पीठ ने यशोदा अस्पताल के डॉक्टरों को रिपोर्ट दाखिल कर यह बताने के लिए कहा है डीपी यादव सर्जरी के लिए फिट हैं या नहीं? अगर रिपोर्ट में कहा जाता है कि वे सर्जरी के लिए फिट हैं तो हम उचित आदेश पारित करेंगे। लेकिन अगर रिपोर्ट में कहा जाता है कि वह सर्जरी के लिए फिट नहीं हैं तो उन्हें वापस जेल भेज दिया जाएगा। अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।