इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के कॉलेज अब किराये या अस्थायी भवनों में नहीं चल पाएंगे। केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थानों को दो साल के भीतर अपने कैंपस में शिफ्ट करने का निर्देश दिया है। सरकार ने अस्थायी भवनों में चल रहे कॉलेजों को 16 फरवरी तक एआईसीटीई स्टैंडिंग हियरिंग कमेटी के समक्ष अपना प्रस्ताव देने को कहा है।
दो साल के अंदर स्थायी कैंपस में शिफ्ट करने के निर्देश
एआईसीटीई की ओर से
इंजीनियरिंग,
मैनेजमेंट व
फॉर्मेसी कॉलेजों के प्रिंसिपल व डायरेक्टर को इस संबंध में सूचना दे दी गई है। नए निर्देश के तहत सरकारी कॉलेजों को एआईसीटीई भवन निर्माण के लिए फंड देगा, इसलिए उन्हें कमेटी के समक्ष अपना प्रस्ताव बनाकर देना पड़ेगा।
देश में 35 सरकारी कॉलेज किराये के परिसर में चल रहे हैं
देशभर में करीब 35 सरकारी कॉलेज अस्थायी भवनों में चल रहे हैं, जिनमें गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक बदायूं, गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक प्रतापगढ़, बिजनौर, एटा, जीपी नगर, कानपुर देहात, मैनपुरी, आगरा आदि के नाम प्रमुख हैं।