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Jamia Masjid Controversy: अब ज्ञानवापी की तर्ज पर जामिया मस्जिद के सर्वे की मांग, श्रीरंगपट्टनम में धारा 144 लागू

Sun, 05 Jun 2022 03:52 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, मांड्या।

सार

विहिप का दावा है कि श्रीरंगपट्टनम टीपू सुल्तान की राजधानी हुआ करती थी और वहां भगवान हनुमान का आंजनेय मंदिर था। 18वीं सदी में टीपू सुल्तान ने उसे तुड़वाकर वहां जामिया मस्जिद बनवाई।
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Jamia Masjid Srirangapatna - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विश्व हिंदू परिषद ने कर्नाटक के मांड्या जिले के श्रीरंगपट्टनम  तालुके में बनी 18वीं सदी की जामिया मस्जिद के वास्तव में मंदिर होने का दावा करते हुए ज्ञानवापी की तरह सर्वे की मांग की है। हिंदू संगठन के वहां मस्जिद के बाहर पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ करने के आह्वान के बाद प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी और धारा 144 लागू कर दी।

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विहिप का दावा है कि श्रीरंगपट्टनम टीपू सुल्तान की राजधानी हुआ करती थी और वहां भगवान हनुमान का आंजनेय मंदिर था। 18वीं सदी में टीपू सुल्तान ने उसे तुड़वाकर वहां जामिया मस्जिद बनवाई। विहिप ने वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर की तर्ज पर इसके सर्वे की मांग उठाई है। साथ ही विहिप ने कहा, मस्जिद के एक किलोमीटर के दायरे में विहिप कार्यकर्ता जुटेंगे और हनुमान चालीसा का पाठ व पूजा करेंगे।

इस घोषणा के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके में किसी तरह के प्रदर्शन और जुलूस पर रोक लगा दी। जिला पुलिस के साथ कर्नाटक रिजर्व पुलिस बल को भी मोर्चे पर तैनात किया गया है। मस्जिद के पास सड़कों पर बैरिकेड लगाकर लोगों की आवाजाही रोकी जा रही है। शहर के बाहरी इलाकों में सुरक्षा चौकियां तैनात की गई हैं। 
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मस्जिद के भीतर गणपति मंदिर कुआं, ज्ञानवापी की तरह सर्वे हो
विहिप का दावा है कि जामिया मस्जिद के अंदर एक गणपति मंदिर, सरोवर और कुआं है। इसके बावजूद मस्जिद में मदरसा चल रहा है और नमाज भी पढ़ी जा रही है, जो गलत है। श्रीराम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने कहा, सरकार को उन्हें रोकना चाहिए न कि हमें। 

भगवा गमछा डाले कार्यकर्ता मस्जिद पर जुटे
उधर, विहिप के आह्वान पर शनिवार को भगवा गमछा डाले और जय श्री राम का जयघोष करते हुए कार्यकर्ता जामिया मस्जिद की ओर बढ़ने लगे। किसी तरह के हंगामे की आशंका के बीच मस्जिद के आसपास के कारोबारियों ने दुकानें बंद कर दीं।

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