लगभग 24 साल पहले जब देश में पहली बार मोबाइल फोन ने एंट्री ही की थी, तब लोग पैसे बचाने के लिए मिस्ड कॉल का सहारा लिया करते थे। वह दौर अब फिर से वापस आ गया है, लेकिन नए अवतार में। दरअसल भाजपा ने छह जुलाई से सदस्यता अभियान शुरू किया था, जिसका समापन मंगलवार यानी 20 अगस्त को हुआ। चौंकाने वाली बात यह थी कि इस दौरान लोगों ने मिस्ड कॉल का जमकर इस्तेमाल किया।
कांग्रेस के वोटों से ज्यादा भाजपा के सदस्य
वहीं अभियान समाप्ति के बाद भाजपा के कुल सदस्यों की संख्या 14.78 करोड़ हो गई है। ये संख्या 2019 में कांग्रेस को मिले वोटों से भी ज्यादा है। इन चुनावों में कांग्रेस को 11.85 करोड़ वोट मिले थे, जो इससे लगभग 2.95 करोड़ ज्यादा है। कहा जा सकता है कि कांग्रेस के वोट बैंक से भी ज्यादा भाजपा के सदस्य हैं।
मिस्ड कॉल बनी वरदान
भाजपा ने सदस्यता अभियान से जुड़ने के लिए आम जनता के लिए कई तरह के माध्यम उपलब्ध कराए थे, जिसमें फॉर्म भरने और नमो ऐप पर जुड़ने समेत मिस्ड कॉल भी एक विकल्प था। वहीं भाजपा के लिए मिस्ड कॉल से वरदान साबित हुआ। अभियान की समाप्ति के बाद जो आंकड़े सामने आए उनमें लोगों ने पार्टी से जुड़ने के लिए मिस्ड कॉल के विकल्प को चुना।
तीन करोड़ लोगों ने मिस्ड कॉल का सहारा लिया
21 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान जुड़े कुल सदस्यों 3.7 करोड़ में से लगभग तीन करोड़ (2,96,19,941) सदस्यों ने मिस्ड काल के जरिए भाजपा से जुड़ने का विकल्प चुना है। फॉर्म के जरिए तकरीबन 1.5 करोड़ लोगों ने भाजपा से जुड़ना पसंद किया है, जबकि नमो ऐप और वेबसाइट के जरिए 82 लाख लोग बीजेपी से जुड़े।
कई जगहों से नहीं मिले आंकड़े
भाजपा सदस्यता अभियान के अधिकारी दुष्यंत कुमार गौतम ने अमर उजाला को बताया कि हिमाचल, उत्तराखंड, मणिपुर, असम और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में इंटरनेट की उपलब्धता कम होने के कारण पूरा आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं हो पाया है। हमारा अनुमान है कि पूरा आंकड़ा आने तक नए सदस्यों की संख्या पांच करोड़ को भी पार कर जाएगी।
नई चुनाव समिति चुनेगी नया अध्यक्ष
गौतम के मुताबिक अगले महीने की 11 तारीख से ब्लॉक और मंडल स्तर के चुनाव शुरु हो जाएंगे। इसके बाद जिला और प्रदेश स्तर का चुनाव होगा। नए वर्ष में एक नई चुनाव समिति का गठन किया जाएगा, जो पार्टी के नए अध्यक्ष के लिए चुनाव कराएगी।
दिल्ली में बने सबसे ज्यादा सदस्य
अगर प्रतिशत के आधार पर बात करें तो दिल्ली में सबसे ज्यादा लोगों ने पार्टी की सदस्यता ली है। अभियान के पहले दिल्ली में कुल 14.5 लाख लोग भाजपा के सदस्य थे। अभियान के बाद पूर्व सदस्यों की संख्या के 100 फीसदी से भी ज्यादा नए सदस्य (15.64 लाख) बीजेपी से जुड़े हैं।