किसानों को अब मोबाइल के जरिए बासमती धान की खेती की पूरी जानकारी देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए एक खास तरह का मोबाइल एप (एपराइजा) तैयार किया जा रहा है। इससे किसानों को धान की फसल में प्रयोग किए जाने वाले सही रसायन, मात्रा और प्रयोग करने की विधि की जानकारी दी जाएगी।
मानक के अनुसार किसान रसायनों का प्रयोग करेंगे तो विश्व स्तर पर बासमती मानक पर खरा उतरेगा। एपीडा और बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान मोदीपुरम (बीईडीएफ) मिलकर इस मोबाइल एप को किसानों के लिए तैयार करा रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस एप (एपराइजा) के तैयार होने के बाद किसानों को समय समय पर बासमती धान की खेती की उन्नत तरीकों की जानकारी मिलेगी।
ऐसा होने से किसान को फसल की चिंता अधिक नहीं रहेगी। एप के माध्यम से सूचना मिलने पर वह समय से फसल में खाद पानी लगा सकेगा। यही नहीं किसानों को पता चल जाएगा कि उसे कौन सा कीटनाशक या अन्य रसायन इस्तेमाल करना है, ताकि उसकी फसल सभी मानकों पर खरा उतरे।
ऐसा होने से उसे बाजार में फसल के दाम सामान्य फसल के मुकाबले अधिक मिलेंगे। यूपी, पंजाब, हरियाणा आदि राज्यों के साथ में मिलकर इसे तैयार किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न देशों में प्रयोग करने पर बासमती की जानकारी ले सकेंगे। यूरोपियन फेडरेशन ऑफ राइस इंपोर्टस से किसानों को बताया जाएगा कि कितना रसायन डालना है। इसकी पूरी जानकारी बीईडीएफ के पास में रहेगी।