संपर्क में रहने पर बनी सहमति
सूत्रों ने बताया कि जयशंकर और मुत्तकी दोनों ने संपर्क में बने रहने पर भी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि हम सभी स्तरों पर नियमित संपर्क में हैं। इससे तीन सप्ताह पहले अफगानिस्तान में भारत के प्रतिनिधि आनंद प्रकाश ने काबुल में मुत्तकी के साथ बातचीत की थी। इस दौरान मुत्तकी ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया था और कहा था कि भारतीय निवेशकों को अफगानिस्तान में निवेश के अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।
अफगानिस्तान में विकास योजनाओं पर विचार कर रहा भारत
सूत्रों ने बताया कि भारत अफगान लोगों के लिए कुछ विकास परियोजनाओं पर भी विचार कर रही है। भारत पाकिस्तान से निष्कासित अफगान शरणार्थियों के लिए मानवीय सहायता पर भी काम कर रहा है। 2021 से अब तक भारत ने अफगानिस्तान को 50,000 टन गेहूं, 350 टन दवाइयां, 40,000 लीटर मैलाथियान कीटनाशक और 28 टन भूकंप राहत सामग्री भेजी है। साथ ही अफगानी छात्रों के लिए 2,000 ऑनलाइन छात्रवृत्तियां भी दी हैं। भारत इस पर भी जोर दे रहा है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
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