उच्चतम न्यायालय ने कोटा के एक अस्पताल में 100 से अधिक नवजात बच्चों की मौत के मामले में राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया है। जांच का अनुरोध करने संबंधी एक याचिका पर कोर्ट ने सरकार से सोमवार को जवाब मांगा। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने प्रख्यात चिकित्सक केके अग्रवाल और सामाजिक कार्यकर्ता बी मिश्रा की ओर से दायर याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस भेजा है।याचिका में कोटा के सरकारी अस्पताल में उचित मशीनों के अभाव में नवजात बच्चों की मौत के मामले की जांच की मांग की गई है। गौरतलब है कि कोटा के सरकारी अस्पताल में हाल ही में 100 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी।
गठित जांच समिति ने सौंपी थी रिपोर्ट
जाचं के दौरान गठित जांच समिति ने रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में समिति का कहना था कि अस्पताल में लगभग हर तरह के उपकरण और व्यवस्था में बहुत सारी खामियां हैं। बच्चों की मौत का मुख्य कारण हाइपोथर्मिया बताया गया था। रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि कोटा के अस्पताल में 34 दिन में 107 बच्चे काल के गाल में समा चुके थे।
अस्पताल के 71 में से 44 वॉर्मर खराब
नवजात शिशुओं का तापमान 36.5 डिग्री तक होना चाहिए। इसके लिए नर्सरी में वॉर्मर के जरिए उनके तापमान को 28 से 32 डिग्री के बीच रखा जाता है। अस्पाल में मौजूद 71 में से 44 वॉर्मर खराब मिले थे। जिसके कारण नर्सरी में तापमान गिर गया और बच्चे हाइपोथर्मिया के शिकार हो गए।
अस्पताल के ये उपकरण भी मिले थे खराब
28 में से 22 नेबुलाइजर खराब
111 में से 81 इंफ्यूजन पंप खराब
101 में 28 मल्टी पेरा मॉनीटर खराब
38 में से 32 पल्स ऑक्सीमीटर खराब