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नागरिकता विवाद पर एथिक्स कमेटी का राहुल को नोटिस

Mon, 14 Mar 2016 08:47 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : PTI
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खुद को कथित तौर पर ब्रिटिश नागरिक बताए जाने के मुद्दे ने एक बार फिर से तूल पकड़ लिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता वाली लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने इस मामले में राहुल से सफाई मांगी है। कमेटी ने राहुल से पूछा है कि क्या उन्होंने कभी खुद को ब्रिटेन का नागरिक बताया था? कांग्रेस उपाध्यक्ष ने संसद भवन के बाहर इस नोटिस के बारे में पूछे जाने पर इतना की कहा कि वह इस मामले से निपट लेंगे।
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गौरतलब है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कुछ दस्तावेजों को सार्वजनिक कर कांग्रेस उपाध्यक्ष पर खुद को ब्रिटेन का नागरिक बताने का आरोप लगाया था। इसके बाद स्वामी ने इसकी जांच के लिए लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा था। इसके बाद भाजपा सांसद महेश गिरि ने भी इस मामले में स्पीकर से शिकायत की थी। स्पीकर ने इस मामले को एथिक्स कमेटी को सौंप दिया था।

लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक अर्जुन मेघवाल ने राहुल को नागरिकता के मामले में एथिक्स कमेटी की ओर से नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष से इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने केलिए कहा गया है। कमेटी ने राहुल से जानना चाहा कि क्या उन्होंने कभी भी खुद को ब्रिटेन का नागरिक बताया था? संसद भवन परिसर में शराब करोबारी विजय माल्या के विदेश चले जाने के मामले में सरकार पर हमला बोल रहे राहुल से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे से निपट लेंगे। इसके अलावा उन्होंने इस मामले में कुछ और कहने से इनकार कर दिया।
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क्या है मामला

- फोटो : PTI
स्वामी ने ब्रिटेन के कंपनी ऑफ लॉ अथॉरिटी से दस्तावेज सार्वजनिक किए थे। स्वामी का दावा था कि इन दस्तावेजों में न केवल राहुल ने खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया है, बल्कि संबंधित कंपनी के निदेशक और सचिव के तौर पर भी राहुल का नाम शामिल है। बैंक ऑफ लिमिटेड नाम की इस कंपनी के वर्ष 2005-2006 के वार्षिक रिटर्न में राहुल ने खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया। तब कांग्रेस ने उसकी कंपनी के कुछ और दस्तावेजों के सहारे दावा किया कि टाइपिंग की गलती के कारण राहुल को ब्रिटिश नागरिक बता दिया गया। विवाद बढ़ने पर राहुल ने खुद इस मामले की जांच कराने और खुद को जेल भेजने की चुनौती दी थी। बाद में स्वामी और सांसद गिरि ने इस मामले में स्पीकर से जांच कराने की मांग की। स्पीकर ने शिकायत के आधार पर मामले को एथिक्स कमेटी को भेज दिया था।
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