दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में नवर्निमित ढांचा गिरने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चिंटल्स इंडिया को नोटिस जारी किया है। शीर्ष कोर्ट ने कंपनी से पूछा कि हाल ही में बना ढांचा कैसे गिरा?
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गुरुग्राम के चिंटल्स पैराडिसो सोसाइटी के निवासियों की याचिका पर सुनवाई की सहमति दे दी। इसका एक हिस्सा फरवरी में ढह गया था, जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई थी। याचिका में सोसायटी के डेवलपर के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग की गई है। जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस हृषिकेस रॉय की पीठ ने चिंटल्स् इंडिया प्रालि को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सिर्फ तस्वीरों में सुंदर, हकीकत में नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के वकील से कहा, 'यदि आप आपके विज्ञापन देखेंगे तो उसमें कहा गया है कि ये एकदम हरे भरे व सुंदर अपार्टमेंट हैं, लेकिन ये सिर्फ तस्वीरों में ही सुंदर हैं, हकीकत में नहीं। हाल ही में बना कोई ढांचा कैसे इस तरह गिर सकता है? यह बहुत गंभीर मामला है। हम नोटिस जारी करेंगे।
सोसायटी की इमारतें सुरक्षित नहीं, सभी टावर खाली करने के लिए कहा
गुरुग्राम के सेक्टर 109 में चिंटल्स पैराडिसो सोसाइटी के निवासी याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पैरवी की। उन्होंने कहा कि सोसायटी की इमारतों के ऑडिट से पता चलता है कि इमारत असुरक्षित हैं। निवासियों को सभी टावर खाली करने के लिए कहा गया है, इसलिए बिल्डर को किराया देना चाहिए।
आईआईटी से कराया जा रहा निरीक्षण
सोसायटी के बिल्डर की ओर से पेश हुए वकील ने कोर्ट को बताया कि आईआईटी द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। इसका खर्च हमारे द्वारा किया जा रहा है। मामले में अब 6 जनवरी, 2023 को खंडपीठ को सुनवाई होगी।
एक टावर की छतें गिर गई थीं
इससे पहले फरवरी में, कॉम्प्लेक्स के एक टावर के कई फ्लैटों की छतें गिर गईं थीं। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। टावर डी आंशिक रूप से ढहने के बाद, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (डीटीसीपी) ने प्रभावित टावरों के स्ट्रक्चरल ऑडिट का आदेश दिया था। घटना की जांच के लिए अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल का भी गठन किया गया था। स्ट्रक्चरल ऑडिट के बाद अधिकारियों ने विचाराधीन टावर को गिराने और आसपास के टावरों को खाली करने की सिफारिश की है।