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PM Modi: 'देश का भविष्य ही नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति हैं युवा', पीएम मोदी का देश के जेनजी को नया संदेश

Wed, 12 Aug 2026 09:32 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी आईएएनएस, नई दिल्ली

सार

अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने युवाओं की संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य की सराहना की। पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक साझा कर बताया कि विचार, वाणी और कर्मों से लोगों का दिल जीतने वाला व्यक्ति विश्वास, सम्मान और सद्भाव का पात्र बनता है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बुधवार को सुभाषित शेयर किया है। पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर भारतीय के युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति भी बताया। 
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पीएम मोदी ने क्या कहा? 
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए 'एक्स' पोस्ट पर लिखा, 'हमारे युवा साथी देश का भविष्य ही नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति भी हैं। उन्होंने अपनी संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य से दुनियाभर में अलग पहचान बनाई है।'

संस्कृत का श्लोक का अर्थ क्या है? 
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने संस्कृत का श्लोक भी एक्स पर पोस्ट किया, 'चक्षुषा मनसा वाचा कर्मणा च चतुर्विधम्। प्रसादयति यो लोकं तं लोकोऽनुप्रसीदति।।' इस श्लोक का हिंदी अर्थ है- 'जो व्यक्ति अपनी दृष्टि, विचारों, वाणी और कर्मों के माध्यम से लोगों का हृदय जीत लेता है, वह ही उनके विश्वास, सम्मान और सद्भाव का पात्र बनता है।'
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पीएम मोदी ने मंगलवार को एक्स पर क्या लिखा? 

इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर लिखा गया था, 'अष्टौ गुणाः पुरुषं दीपयन्ति प्रज्ञा सुशीलत्वदमौ श्रुतं च। पराक्रमश्च बहुभाषिता च दानं यथाशक्ति कृतज्ञता च।। इस श्लोक का अर्थ है, 'ये आठ गुण मनुष्य के जीवन को प्रकाशमान करते हैं। बुद्धि उसके मार्ग को स्पष्ट करती है, सदाचार उसके आचरण को पवित्र बनाता है और संयम उसे अनुशासित रखता है। ज्ञान उसे विवेक देता है, वीरता कठिन परिस्थितियों में अडिग रखती है और वाणी की कुशलता उसे समाज में सम्मान दिलाती है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करना और उपकारों के प्रति कृतज्ञ रहना उसके व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करते हैं।'

इससे पहले प्रधानमंत्री की ओर से 7 अगस्त को सुभाषित शेयर किया गया था। तब पीएम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा था, 'किं चन्द्रमाः प्रत्युपकारलिप्सया करोति गोभिः कुमुदावबोधनम्। स्वभाव एवोन्नतचेतसां सतां परोपकारव्यसनं हि जीवितम्॥'

इस श्लोक का हिंदी अर्थ है, 'चंद्रमा किसी प्रत्युपकार की इच्छा से अपनी किरणों द्वारा कमुदुनी को प्रकाशित नहीं करता, अपितु यह उसका स्वाभाविक गुण है। उसी प्रकार महान और उदार हृदय वाले सज्जन बिना किसी स्वार्थ या अपेक्षा के दूसरों का हित करते रहते हैं, क्योंकि परोपकार उनके स्वभाव में होता है।'
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