तमिलनाडु सरकार ने बुधवार को स्टरलाइट कॉपर स्मेलटर प्लांट को अपनी तूतीकोरिन यूनिट दोबारा खोलने की अनुमति देने का आवेदन खारिज कर दिया। इस प्लांट को बंद करने के आदेश को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने खारिज कर दिया था, लेकिन टीएनपीसीबी ने अपने आदेश में कहा कि ट्रिब्यूनल के निर्णय के खिलाफ 2 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपील की जा चुकी है।
राज्य सरकार ने 28 मई को तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएनपीसीबी) को तूतीकोरिन स्थित स्टरलाइट प्लांट सील करते हुए हमेशा के लिए बंद करने के आदेश दिए थे। यह आदेश इस प्लांट के कारण फैल रहे घातक प्रदूषण के विरोध में आसपास की जनता की तरफ से हिंसक आंदोलन करने के बाद दिया गया था। वेदांता ग्रुप की कंपनी स्टरलाइट की तरफ से की गई अपील पर 15 दिसंबर को एनजीटी ने तमिलनाडु सरकार के आदेश को अनुचित बताते हुए इसे खारिज कर दिया था।
इसके बाद कंपनी ने 20 दिसंबर को प्लांट दोबारा खोलने की अनुमति तमिलनाडु सरकार से मांगी थी। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने 21 दिसंबर को एंटी-स्टरलाइट आंदोलन के एक कार्यकर्ता की अपील पर इस मुद्दे पर 21 जनवरी तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश सरकार को दिए थे। साथ ही तमिलनाडु सरकार से जवाब मांगा था कि वह ट्रिब्यूनल के निर्णय के खिलाफ अपील दाखिल करने जा रही है या नहीं।
13 लोग मारे गए थे आंदोलन में
स्टरलाइट के तूतीकोरिन प्लांट के विरोध में हुए प्रदर्शनों ने 22-23 मई को हिंसक रूप ले लिया था, जब पुलिस फायरिंग में 13 आंदोलनकारी मारे गए थे और दर्जनों घायल हो गए थे।