असम के कोकराझार जिले में एक आतंकी नेटवर्क के स्पीपर सेल के दो संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से भारी मात्रा में हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद हुआ। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और कोकराझार पुलिस ने मंगलवार रात को जिले के नमापारा क्षेत्र में एक अभियान चलाया और दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा, एसटीएफ महानिरीक्षक पार्थसारथी महंता ने टीम का नेतृत्व किया और वैश्विक आतंकी संगठन के जहादी तत्त्वों के संभावित आतंकवादी हमले को नाकाम करने में बड़ी कामयाबी हासिल की। हमने उनसे युद्ध जैसी सामग्री बरामद की।
सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्ति कथित तौर पर एक स्लीपर सेल के सदस्य थे, जिनका संबंध अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) से था। यह संगठन भारतीय महाद्वीप में अल-कायदा का सहयोगी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान 'ऑपरेशन प्रघात' का हिस्सा था। ऑपरेशन प्रघात एक बड़ा अभियान है जो कई राज्यों में चल रहा है। उन्होंने बताया कि 17-18 दिसंबर की रात असम पुलिस ने असम, पश्चिम बंगाल और केरल में संयुक्त अंतर-राज्यीय अभियान में आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक बांग्लादेशी नागरिक भी था। इस अभियान के दौरान आतंकी संगठन के स्लीपर सेल को स्थापित करने की साजिश को नाकाम कर दिया गया।
सिंह ने बताया कि कोकराझार से चार हथियार बरामद किए गए हैं। यह हाथ से बने हुए राइफल्स जैसे थे, जो एके-47 जैसे दिखते हैं। इसके अलावा, 34 गोलियं, 24 कारतूस और दो सक्रिय इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किए गए हैं। इन आईईडी में कृषि उपकरणों से बने डेटोनेटर सर्किट, 14 इलेक्ट्रॉनिक स्विच और बम बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले तीन लोहे के केस भी बरामद हुए हैं।
मणिपुर में हथियारबंद समूहों के बीच मुठभेड़
उधर, मणिपुर के इंफाल पूर्व जिले में आज सुबह दो सशस्त्र समूहों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुातबिक, कांगपोकपी जिले की पहाड़ियों से सशस्त्र लोगों ने सीनम कोम गांव को निशाना बनाकर गोलीबारी की। गांव में तैनात स्वयंसेवकों ने पलटवार किया, जिससे मुठभेड़ शुरु हुई। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। अब तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
पुलिस ने बताया, इससे पहले मंगलवार रात इंफाल पूर्व जिले के थम्नापोकपी और पास के उयोक चिंग इलाके में सुरक्षा बलों और हथियारबंद लोगों के बीच एक और मुठभेड़ हुई थी। मणिपुर में पिछले साल मई से हिंसा जारी है। राज्य के मेतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा में ढाई सौ से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं।
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