नगालैंड के निउलैंड जिले में एक ही परिवार को तीन सदस्यों की कथित तौर पर हत्या कर दी गई है। इसमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
आरोपी ने ग्राम परिषद के सामने किया आत्मसमर्पण
पुलिस के मुताबिक, अशातुल (35 वर्षीय) और उनके दो बच्चों (12 साल की बेटी और छह साल का बेटा) की उनके भाई अब्दुल गोफुर ने सोमवार को कथित तौर पर हत्या की। आरोपी ने अपराध करने के बाद इस्तेमाल किए गए हथियारों के साथ खुद ही ग्राम परिषद (काउंसिल) के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड के पीछे का मकसद अभी पता नहीं चला है और आरोपी को आगे की जांच के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया है।
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युवती की हत्या की जांच के लिए एसआईटी गठित
इसी बीच, रविवार को कोहिमा की ओल्ड मिनिस्टर्स हिल के पास एक युवती (22 वर्षीय) की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। युवती एक मशहूर बास्केटबॉल खिलाड़ी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उसे पिछली रात यानी शनिवार को आखिरी बार देखा गया था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और अपराध की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। वहीं, नगालैंड राज्य महिला आयोग (एनएससीडब्ल्यू) ने मामले का संज्ञान लिया। विभिन्न नागरिक संगठनों ने इस हत्याकांड की निंदा की है।
हिट-एंड-रन मामले में दो की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश
एक अन्य घटना में शनिवार की देर रात लोंगलेंग के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-702बी पर औचिंग गांव में दो पुरुषों की संदिग्ध हिट-एंड-रन मामले में मौत हो गई। सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित अपने घर लौट रहे थे, तभी उन्हें एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इस घटना के बाद क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। ग्रामीणों ने तत्काल न्याय और दोषियों को जिम्मेदार ठहराने की मांग की।
अरुणाचल के तिराप में शिकार और मछली पकड़ने के दौरान आम लोगों के लिए कैमोफ्लेज कपड़ों पर रोक
अरुणाचल प्रदेश के तिराप जिला प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि शिकार और मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों के दौरान आम लोगों के लिए कैमोफ्लेज (जंगल या प्राकृतिक वातावरण के रंग और पैटर्न वाले) या सैन्य पैटर्न वाले कपड़े पहनना तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
तिराप के उपायुक्त टेचु अरन की ओर से जारी आदेश में कहा गया, जंगल में कैमोफ्लेज कपड़े पहनने से रक्षा बलों द्वारा गलत पहचान होने का खतरा बढ़ सकता है, खासकर तिराप, चांगलांग, लोंगडिंग और नामसाई जिलों के जंगलों के आस-पास बढ़ती उग्रवादी गतिविधियों के बीच।
आदेश में कहा गया कि केवल ड्यूटी पर मौजूद अधिकृत सुरक्षा कर्मियों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति को शिकार या मछली पकड़ने के दौरान कैमोफ्लेज कपड़े पहनने या हथियार रखने की अनुमति नहीं होगी। सोमवार को जारी आदेश में यह भी कहा गया कि सूर्यास्त के बाद आम लोगों का जंगल में शिकार या मछली पकड़ने के लिए प्रवेश निषेध है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि जो भी व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करेगा, उस पर कानून के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना लगाया जाएगा।