मिरांडा हाउस ने पूर्वोत्तर भारत से सम्बंधित विकास, संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है। इस अहम पहल में कॉलेज का बल इस बात पर है कि पूर्वोत्तर भारत में अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की क्या भूमिका है। इसी के चलते कॉलेज प्रबंधन ने नॉर्थ ईस्ट कॉउंसिल शिलांग, भारत सरकार की मदद से नॉर्थ ईस्ट रीज़नल रिसर्च सेंटर की स्थापना की है।
यह पहल दिल्ली विश्वविद्यालय के 100वें स्थापना दिवस और मिरांडा हाउस के 75वें स्थापना दिवस के अवसर पर की गई है। इसी सिलसिले में मिरांडा हाउस ने पूर्वोत्तर की आवाज़ को बुलंद करने और उनसे संबंधित संस्कृति को फैलाने के उद्देश्य से 14 सितंबर को एक कॉन्क्लेव आयोजन किया गया। इसमें पूर्वोत्तर के 8 राज्यों के रेजिडेंट कमिश्नर और विद्वानों ने हिस्सा लिया। संस्था के कायर्क्रम में Her World India भी भागीदार बना।
कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. विजयलक्ष्मी नंदा ने कार्यक्रम में कहा, यह सेंटर प्रधानमंत्री मोदी के विजन 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की दिशा में बढ़ता हुआ एक कदम है, जो महिलाओं को ध्यान में रखते हुए पूर्वोत्तर की कला संस्कृति और कौशल का प्रचार करेगा। मीरांडा हाउस के 400 विद्यार्थी पूर्वोत्तर भारत से हैं। जो पढ़ाई के साथ साथ अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य है की पूर्वोत्तर के लिए हम स्टार्टअप की शुरुआत करें, जो महिलाओं का, महिलाओं के लिए और महिलाओं के द्वारा ही हो। इसी विचार को अंजाम देने के लिए आपसी सलाह मशवरा करने के लिए इस तरह के कॉन्क्लेव और अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी होगी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार राखी बख्शी ने कहा, हम चाहते हैं कि अपने Her World India के माध्यम से हम पूर्वोत्तर भारत में जो कौशल और कला है उसे स्थापित करने में सहायता करें, उनकी कला और कौशल सब देखें। इसके लिए मीडिया में जगह बनाएं। वहीं महिलाओं के लिए स्टार्टअप की शुरुआत करें। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों की तरक्की देश में प्रचुर समृद्धि लाएगी।
इस कॉन्क्लेव की पहली कड़ी में पूर्वोत्तर क्षेत्रों के रेजिडेंट कमिश्नर और अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी अतिथियों ने कार्यक्रम में अपने विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इनमें स्पेशल कमिशर पुलिस रॉबिन हिबु, ज्योति कलश, मिरांडा हाउस चेयरपर्सन प्रोफेसर रजनी, आईबीएसडी मणिपुर के प्रो. दीनबंधु साहू भी मौजूद थे।
कार्यक्रम में प्रोफेसर रजनी ने कहा पूर्वोत्तर भारत 21वी सदी में भारत के विकास का इंजन होगा। मिरांडा हाउस में इस केंद्र की स्थापना ने एक नया क्षितिज खुला है और हमें अवसर दिए हैं। यह केंद्र पूर्वोत्तर की संस्कृति और परंपरा के परिचय से आगे हैं। केंद्र की समन्वय बाशबी गुप्ता ने कहा, यह केंद्र अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता की एक अलग और महत्वपूर्ण संभवना को लेकर आया है। इसमें मिरांडा हाउस के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय के अन्य कॉलेज भी जुड़ सकते हैं।