कश्मीर में हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी की दूसरी बरसी के मौके पर अलगाववादी नेताओं ने घाटी में बंद बुलाया है। वहीं अधिकारियों ने घाटी के कुछ हिस्सों में प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इस बंद की वजह से अमरनाथ यात्रा को एक दिन के लिए रोक दिया गया है।
यात्री निवास कंट्रोल रुम के एक अधिकारी ने कहा, दक्षिण कश्मीर में कानून व्यवस्था को देखते हुए अमरनाथ यात्रियों के जत्थे को आगे जाने की इजाजत नहीं दी गई है। दक्षिण कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ हुई झड़प में तीन नागरिकों की मौत हो गई थी और
बुरहान वानी की दूसरी बरसी को देखते हुए जम्मू के यात्री निवास बेस कैंप से यात्रियों को आगे जाने से रोक दिया गया है।
केवल बालटाल और पहलगाम में ठहरे हुए यात्रियों को आगे जाने की इजाजत दी गई है। एहतियातन उपाय अपनाते हुए पूरे कश्मीर में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है। किसी भी तरह की अवांछित घटना को रोकने के लिए सुरक्षाबलों को घाटी के संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। शनिवार को अलगाववादियों ने पूरे कश्मीर में बुरहान की बरसी के मौके पर बंद का आह्वान किया है।
पुलिस महानिदेशक शेष पॉल वैद ने शनिवार को कहा था कि यात्रा को रोकने का निर्णय कश्मीर में कानून व्यवस्था को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा था, 'आपको मालूम है कि कश्मीर में परिस्थितियां ठीक नहीं हैं और हमारी कोशिश
यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। कल बंद बुलाया गया है जिसकी वजह से हमने यात्रा रोक दी है। हमारी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।'
पिछले साल अमरनाथ यात्रा के दौरान अनंतनाग में एक बस पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में 7 यात्रियों की मौत हो गई थी। सभी यात्री बाबा बर्फानी के दर्शन करके लौट रहे थे। इस साल यात्रियों के वाहन पर नजर बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ रेडियो फ्रीक्वेंसी टैगिंग की मदद ले रहे हैं। अभी तक 83,130 यात्री गुफा के दर्शन कर चुके हैं। इस साल 28 जून से यात्रा शुरू हुई थी।
अलगाववादियों ने ज्वाइंट रेसिसटेंस लीडरशीप के अंतर्गत लोगों से रविवार को काले दिवस के तौर पर मनाने के के लिए कहा है। ऐसा सुरक्षाबलों की फायरिंग में तीन युवाओं की मौत की वजह से कहा गया है। बता दें कि कुलगाम में हुई कथित फायरिंग में एक लड़की सहित तीन लोगों की शनिवार को मौत हो गई थी।