राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन के तहत बेशक 2019 तक हर घर में शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन यह अभियान भाजपा शासित राज्यों के इर्द-गिर्द सिमटता जा रहा है। गैर-भाजपा शासित राज्यों में अभियान की प्रगति काफी धीमी है। फिलहाल केंद्र सरकार इस बात को लेकर फिक्रमंद है कि यह अभियान कहीं पार्टी विशेष का बनकर न रहे जाए। इसलिए, अब सरकार की कोशिश आंकड़ों के सहारे सभी राज्यों में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने की है।
बीते दिनों केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों से ऐसे शहरों की सूची मांगी, जहां दिसंबर 2016 तक हर घर में शौचालय बन जाने हैं। मंत्रालय को राज्यों से मिली सूची चौंकाने वाली है। दिसंबर तक देश के करीब साढ़े पांच हजार शहरों में से सिर्फ 400 शहरों के ही हर घर में शौचालय बन सकेगा।
इनमें से 82 फीसदी से ज्यादा शहर भाजपा शासित राज्यों से हैं। बदतर प्रदर्शन उत्तर प्रदेश व बिहार जैसे बड़े राज्यों का है। दिसंबर तक इन राज्यों के दस शहरों में भी हर घर में शौचालय नहीं होगा। वहीं, बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में गुजरात, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ शामिल हैं।