असम के पांच विधानसभा सीटों पर उप चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो गया है। कुल 38 उम्मीदारों ने पर्चे भरे हैं। नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार को समाप्त हुई। अंतिम दिन सबसे अधिक 24 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन भरे। आधिकारिक बयान के मुताबिक शुक्रवार को, धोलाई से तीन उम्मीदवारों ने, सिदली से एक उम्मीदवार ने, बोंगाईगांव से पांच उम्मीदवारों ने, सामगुड़ी से 12 उम्मीदवारों ने और बेहाली से तीन उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र भरे। अब तक के प्रमुख उम्मीदवारों में सामगुड़ी में भाजपा के दीप्लू रंजन शर्मा, बोंगाईगांव में एजीपी के दिप्तिमॉय चौधुरी (जो आठ बार के पार्टी विधायक फणिभूषण चौधुरी की पत्नी हैं), बेहाली में कांग्रेस की जयता बोरा और सिदली में बोडो पीपुल्स फ्रंट के सुधो कुमार बसुमतारी शामिल हैं।
नामांकन पत्रों की जांच 28 को की जाएगी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर है। बीजेपी पांच में से तीन निर्वाचन क्षेत्रों- बेहाली, सामगुड़ी और धोलाई में चुनाव लड़ रही है, जबकि बोंगाईगांव और सिदली को अपने गठबंधन साझेदार एजीपी और यूपीपीएल के लिए छोड़ा है। कांग्रेस सभी पांच निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ रही है। ये सभी उपचुनाव मौजूदा विधायकों के लोकसभा चुनाव में जीतने के बाद खाली हुई सीटों पर हो रही हैं।
कांग्रेस के सामगुड़ी के उम्मीदवार तंजील हुसैन मौजूदा विधायक रकीबुल हुसैन के बेटे हैं, जिन्हें धुबरी संसदीय क्षेत्र से 10 लाख वोटों के रिकॉर्ड मार्जिन से लोकसभा के लिए चुना गया था। इस कारण यह सीट खाली हुई थी।
धोलाई के भाजपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री परिमल सुक्लाबैद्य को सिलचर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद सांसद बने। इसके चलते यहां पर उप चुनाव हो रहे हैं। जबकि भाजपा के ही रंजीत दत्ता ने बेहाली से विधायक थे, जो अब सोनितपुर लोकसभा से सांसद हैं। इसी तरह से एनडीए के गठबंधन साझेदार एजीपी के मौजूदा विधायक फणिभूषण चौधुरी बरपेटा लोकसभा सांसद बने जबकि और सिदली के यूपीपीएल विधायक जयंता बसुमतारी कोकराझार संसदीय क्षेत्र से चुन कर सांसद बने। मतदान 13 नवंबर को इन पांच सीटों पर होगा और मतों की गिनती 23 नवंबर को की जाएगी।