नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के वकीलों ने बंगाल की बीरभूम जिला अदालत में विश्व भारती के एक नए 'बेदखली आदेश' को चुनौती दी है। जिसमें प्रसिद्ध अर्थशास्त्री को विश्वविद्यालय परिसर में स्थित उनकी पैतृक संपत्ति के अंदर ‘अतिक्रमित भूमि’ का एक हिस्सा खाली करने के लिए कहा गया है।
सेन के ‘केयरटेकर’ गीतिकांत मजूमदार ने भूमि विवाद के चलते शांति भंग होने की आशंका को लेकर यह याचिका दायर की थी। सेन अभी अमेरिका में हैं और उनके जून में भारत लौटने की उम्मीद है। विश्व भारती के प्रवक्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय को इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा था कि अगर सेन को जबरन बेदखल करने की कोई कोशिश की गई तो वह बुलडोजर को रोकने के लिए सेन के शांतिनिकेतन आवास के बाहर धरना देने वाली पहली व्यक्ति होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा, मैं देखना चाहती हूं कि कौन अधिक शक्तिशाली है-बुलडोजर या मानवता।’