भारत इस पूरे मामले में दोकलम की तर्ज पर आगे बढ़ना चाहता है। दोकलम विवाद के दौरान भारत ने अपना आक्रामक रुख बरकरार रखा था। इससे चीन के पास भारत के न झुकने का संकेत गया। भारत इस बार भी यही रणनीति अपना रहा है।
एलएसी पर उसने किसी भी सूरत में दबाव में नहीं आने का संदेश दिया है। वायु सेना प्रमुख का लद्दाख दौरा, लोकल कमांडरों को अपने स्तर पर कार्रवाई की छूट संबंधी फैसला चीन को पीछे न हटने और दबाव में न आने का संदेश देने के लिए है।
चीन की ओर से हो रही पहल
भले ही चीन एलएसी की दूसरी तरफ सेना का जमावड़ा बढ़ाने के अलावा युद्धक विमानों को बड़ी संख्या में तैनात कर रहा हो मगर सच्चाई यह है कि बातचीत की पेशकश चीन की ओर से ही हो रही है। सैन्य स्तर की वार्ता में नतीजा न निकलने बावजूद ऐसी वार्ता को जारी रखने की पहल भी चीन की ओर से हो रही है।