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Operation Sindoor: सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से तृणमूल कांग्रेस का किनारा, शामिल नहीं होगा पार्टी का कोई भी सांसद

Mon, 19 May 2025 11:32 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में पार्टी का कोई भी सांसद या नेता शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विदेश नीति पूरी तरह केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। इसलिए, केवल केंद्र सरकार ही हमारी विदेश नीति तय करे और इसकी पूरी जिम्मेदारी ले।
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टीएमसी सांसद यूसुफ पठान - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद केंद्र सरकार पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरने के लिए 30 से अधिक देशों में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेज रही है। हालांकि, इस प्रतिनिधिमंडल से तृणमूल कांग्रेस ने किनारा कर लिया है। पार्टी सूत्रों ने सोमवार को कहा कि प्रतिनिधिमंडल में टीएमसी का कोई भी सांसद या नेता शामिल नहीं होगा। हालांकि, इससे पहले खबर आई थी की बहरामपुर से टीएमसी सांसद यूसुफ पठान सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हो सकते हैं। 

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टीएमसी सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलाने के लिए विभिन्न देशों का दौरा करने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में न तो यूसुफ पठान और न ही कोई अन्य टीएमसी सांसद शामिल होगा। 

एकतरफा फैसला नहीं ले सकती सरकार: अभिषेक बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा राष्ट्रीय हित की रक्षा के लिए आतंकवाद से निपटने के लिए केंद्र सरकार जो भी फैसला करेगी, टीएमसी केंद्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि हमें किसी भी प्रतिनिधिमंडल के जाने से कोई समस्या नहीं है। टीएमसी का कौन सदस्य प्रतिनिधिमंडल में जाएगा, ये पार्टी का निर्णय है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार एकतरफा तरीके से यह तय नहीं कर सकती है कि किस पार्टी से कौन जाएगा। टीएमसी नेता ने कहा कि पार्टी ऑपरेशन सिंदूर का बहिष्कार नहीं कर रही है और हमने कभी इसका बहिष्कार नहीं किया है। टीएमसी एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया है। 
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केवल केंद्र ही तय करे विदेश नीति और जिम्मेदारी ले
टीएमसी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्र सबसे ऊपर है। हमने देश की रक्षा के लिए जो भी आवश्यक कार्रवाई की है, उसके लिए केंद्र सरकार को अपना समर्थन देने का वचन दिया है। हमारे सशस्त्र बलों ने देश को गौरवान्वित किया है और हम उनके प्रति सदैव ऋणी हैं। उन्होंने कहा कि विदेश नीति पूरी तरह केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। इसलिए, केवल केंद्र सरकार ही हमारी विदेश नीति तय करे और इसकी पूरी जिम्मेदारी ले।

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30 से अधिक साझेदार देशों में जाएगा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल
पहलगाम आतंकी हमले और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपने 'जीरो टॉलरेंस' के संदेश को वैश्विक पटल पर मजबूती से रखने का फैसला किया है। अपने इस प्रयास के तहत सरकार 30 से अधिक साझेदार देशों में भारतीय सांसदों के सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजेगी। इसकी थीम 'एक मिशन, एक संदेश, एक भारत' रखी गई है। सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल वैश्विक पटल बताए कि कैसे पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह दे रहा है। 

इन देशों का दौरा करेंगे प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसद
सात प्रतिनिधिमंडल में शामिल सर्वदलीय सांसद सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, अल्जीरिया, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली, डेनमार्क, इंडोनेशिया, मलेशिया, कोरिया, जापान, सिंगापुर, यूएई, लाइबेरिया, कांगो, सिएरा लियोन, अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील, कोलंबिया, स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया, लातविया, रूस, मिस्र, कतर, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेंगे।
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22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ था आतंकी हमला
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने गोली मारकर 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी। जवाब में, भारतीय सेना ने सात मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओजेके) में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। सेना के सटीक मिसाइल हमलों में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। इसके बाद, पाकिस्तान ने भारत के कई राज्यों में ड्रोन और मिसाइल हमले करने की कोशिश की, लेकिन सशस्त्र बलों ने उन्हें नाकाम कर दिया। इसके बाद, भारत ने समन्वित हवाई हमले किए, जिसमें 11 पाकिस्तानी एयरबेसों पर सैन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।

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