ताजनगरी के होटल मालिक आतंकवादी संगठन आईएस के प्रभाव वाले देशों इराक, सीरिया, तुर्की के पर्यटकों को रुकने की जगह नहीं दे रहे। 16 अप्रैल को ब्रिटेन के प्रिंस विलियम अपनी पत्नी केट मिडलटन के साथ ताजमहल देखने आ रहे हैं। ब्रिटेन के सुरक्षा अधिकारियों की एडवांस टीम सप्ताह भर में दो बार ताज का सुरक्षा प्लान तैयार कर चुकी है। स्थानीय पुलिस के निर्देश पर होटल संचालक इन देशों के सैलानियों के आने पर तुरंत इसकी सूचना दे रहे हैं।
होटल संचालक किसी विवाद, तनाव और पूछताछ से बचने के लिए इराक, सीरिया व तुर्की के पर्यटकों को कमरा दे ही नहीं रहे। इन देशों के पर्यटकों से सुरक्षा एजेंसियां आईएस के खतरे के मद्देनजर पूछताछ को आ सकती हैं, इसलिए होटल उन्हें ‘नो रूम’ के बहाने टाल रहे हैं। एसपी प्रोटोकाल वीएस मिश्र के मुताबिक प्रिंस की सुरक्षा के लिए हर तैयारी की गई है। सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
उनके सिक्योरिटी प्लान को फूलप्रूफ बनाया जा रहा है। जिस तरह पाकिस्तानी यात्रियों की सूचना तुरंत थाने को दी जाती है, ठीक उसी तर्ज पर सीरिया, ईराक, तुर्की, ईरान और जार्डन के यात्रियों की सूचना भी पुलिस को होटल संचालक दे रहे हैं। नियम के मुताबिक, पर्यटकों का पूरा ब्योरा सी फार्म में भरकर 24 घंटे में एलआईयू आफिस में जमा कराना होता है।
'सीरिया, इराक, ईरान, तुर्की और पाकिस्तानी पर्यटकों को कमरे देने से बचा जा रहा है। होटल के कमरे बेशक खाली रहें, लेकिन खुफिया एजेंसियों की पूछताछ और विवादों में हम नहीं पड़ना चाहते।'
-रमेश वाधवा, अध्यक्ष होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन