गौरतलब है कि भाजपा नेता नारायण राणे ने कहा था कि राज्य सरकार केवल तीन दिनों की मेहमान है। ये तीनों दल केवल सत्ता और पद के लिए आपस में मिल गए हैं। इस पर शिवसेना ने कठोर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राणे को अपनी ही किस्मत का पता नहीं है तो ऐसे में दूसरों की किस्मत क्या बताएंगे। इससे पहले भाजपा नेता और पूर्व सीएम फडणवीस ने सरकार प व्यंग्य करते हुए कहा था कि ये दल आपस में तो बात करते नहीं, विपक्ष से क्या बात करेंगे।
महाराष्ट्र कैबिनेट मंत्री और राकांपा नेता नवाब मलिक ने सोमवार को कहा कि भीमा कोरेगांव की हिंसा को बाकायदा योजना बना कर किया गया था। उन्होंने कहा कि मनोहर भिडे और मिलिंद एकबोटे इसके मुख्य दोषी हैं। उस समय की सरकार ने इन्हें संरक्षण दिया।
निश्चित तौर पर एक न्यायिक जांच होगी और रिपोर्ट आएगी। तब सरकार इस हिंसा के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि उस समय की सरकार ने एक झूठा केस बनाया और पूरे पुलिस विभाग ने पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर गलत काम किया।
राकांपा नेता ने कहा कि मामले में पोल खुल जाने के डर से केंद्र ने मामले को एनआईए को ट्रांसफर कर दिया लेकिन राज्य को अधिकार है कि वह मामले की जांच करे। निश्चित तौर पर यलगार परिषद केस की जांच राज्य की एजेंसी करेगी।