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कर्नाटक: राज्यसभा चुनाव में चौथी सीट पर फंसा पेच, सिद्धारमैया बोले- जद एस से नहीं करेंगे गठजोड़  

Thu, 26 May 2022 09:08 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करवर

सार

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि जद (एस) एक सीट जीत सकता है, बशर्ते उसे राष्ट्रीय दलों में से किसी एक का समर्थन मिले। यही वो चौथी सीट है जिस पर पेच फंसा है। 
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कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने गुरुवार को आगामी राज्यसभा चुनाव या कर्नाटक में 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी पार्टी और जद (एस) के बीच किसी भी राजनीतिक संबंध से इनकार किया। उनके बयान का खासा महत्व है, क्योंकि तीनों पार्टियों में से किसी के पास राज्य विधानसभा से चौथी राज्यसभा सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या में वोट नहीं हैं। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय राजनीति में नहीं जाएंगे और राज्य में सक्रिय रहेंगे। सिद्धारमैया ने कहा, जद (एस) के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा, कांग्रेस का जद (एस) के साथ कोई राजनीतिक संबंध नहीं होगा।  

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भाजपा दो सीटें जीत सकती है और कांग्रेस एक
राज्यसभा की चार सीटों के लिए 10 जून को चुनाव जरूरी है क्योंकि निर्मला सीतारमण (केंद्रीय वित्त मंत्री) और भाजपा के के सी राममूर्ति, कांग्रेस के जयराम रमेश, कांग्रेस के दिवंगत ऑस्कर फर्नांडीस का कार्यकाल 30 जून को समाप्त होने वाला है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मई है। राज्यसभा चुनाव में जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 45 वोटों की जरूरत होती है और विधानसभा में पार्टी की वर्तमान स्थिति के आधार पर भाजपा दो सीटें जीत सकती है और कांग्रेस एक।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि जद (एस) एक सीट जीत सकता है, बशर्ते उसे राष्ट्रीय दलों में से किसी एक का समर्थन मिले। इसी तरह यदि भाजपा या कांग्रेस चौथी सीट जीतना चाहती है, तो उन्हें जद (एस) के समर्थन की जरूरत होगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अपने दम पर जीती जा सकने वाली सीट के लिए एक बार फिर जयराम रमेश को राज्य से मैदान में उतार सकती है। 
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एक सवाल के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कर्नाटक तक ही सीमित रहेंगे और राष्ट्रीय राजनीति में नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं कर्नाटक की राजनीति में रहूंगा और राज्य और उसके लोगों की चिंताओं को आवाज देना जारी रखूंगा। सिद्धारमैया ने पहले कहा था कि 2023 का विधानसभा चुनाव उनका आखिरी होगा, लेकिन राजनीति में बने रहेंगे। लेकिन अब यह कोई छुपी हुई बात नहीं है कि 2013-2018 के बीच मुख्यमंत्री रहे सिद्धारमैया कांग्रेस के अगला विधानसभा चुनाव जीतने पर दूसरे कार्यकाल की महत्वाकांक्षा संजोए हुए हैं। 

महाराष्ट्र से शिवसेना के संजय राउत और संजय पवार होंगे राज्यसभा के प्रत्याशी
महाराष्ट्र से राज्यसभा की रिक्त हुई छह सीटों के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया बृहस्पतिवार को शुरू हुई। शिवसेना से संजय राऊत ने चौथे कार्यकाल के लिए नामांकन किया। शिवसेना की कोल्हापुर जिला इकाई के प्रमुख संजय पवार पहली बार राज्यसभा चुनाव लड़ रहे हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने मतदान की नौबत आने की आशंका जताई है। 




इधर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा, केंद्रीय नेतृत्व की अनुमति मिली तो हम तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारकर उसे जिता सकते हैं। विधायकों की संख्या के मुताबिक भाजपा के दो, कांग्रेस, राकांपा व शिवसेना के एक-एक उम्मीदवार चुनाव जीत सकते हैं। शिवसेना ने छठी सीट के लिए उम्मीदवार उतार दिया है, जबकि संभाजी राजे ने निर्दलीय लड़ने का एलान किया है।

एआईएडीएमके ने घोषित किए दो उम्मीदवार  
तमिलनाडु में विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो वरिष्ठ नेताओं को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है। इनमें राज्य के पूर्व कानून मंत्री और पार्टी की विल्लुपुरम जिला इकाई के सचिव सीवी षणमुगम और रामनाथपुरम के पूर्व जिला सचिव व मुदुकलाथुर पंचायत संघ के अध्यक्ष आर धर्मर हैं।
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