केंद्र सरकार ने मंगलवार को साफ कर दिया कि उसकी किसी राज्य को विशेष दर्जा देने की कोई योजना नहीं हैं। योजना राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने राज्यसभा में यह जानकारी दी। वह कांग्रेस के केवीपी रामचंद्र राव के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। रामचंद्र चाहते थे कि विशेष राज्य के दर्जे के सिद्धांत को जारी रखने पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक बुलाई जानी चाहिए।
दरअसल, आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देने को लेकर विपक्ष ने एकजुट होकर सदन से वाकआउट भी किया। वहीं सरकार ने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा उन्हीं राज्य को दिया है जिन्हें उनकी जरूरत है। लेकिन विपक्ष ने कहा कि सरकार सदन को गुमराह कर रही है। वे राज्यों का हक मान रही है।
कांग्रेस के जयराम रमेश ने कहा कि सरकार वित्त आयोग की सिफारिश की आड़ लेकर कई राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा देने का हक छिन रही है। जबकि वित्त आयोग ने ऐसी कोई सिफारिश नहीं की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू जब विपक्ष में थे तो उन्होंने यूपीए सरकार से आंध्र प्रदेश को 10 साल के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की थी। बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसका आश्वासन दिया। मगर सत्ता में आने के बाद वे इस बात को भूल गए हैं।