बीजद सांसद प्रसन्ना आचार्य ने कहा है कि दुनिया की कोई भी ताकत अरुणाचल प्रदेश को भारत से अलग नहीं कर सकती। आचार्य ने चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिआन के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन ने कभी अरुणाचल को मान्यता नहीं दी है और वह दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है।
आचार्य ने दो टूक कहा कि चीन के साथ बातचीत का कोई सवाल ही नहीं था और भारत को अपने रुख पर अडिग रहना चाहिए था। जहां तक अरुणाचल का सवाल है तो चीन ऐसी बातें पहले भी करता रहा है। इसमें कुछ नया नहीं है। विश्व समुदाय ने अरुणाचल प्रदेश को भारत के अभिन्न अंग के तौर पर मान्यता दी है। यह आश्चर्यजनक है कि क्यों चीन बार बार वास्तविकता को नकार रहा है।
बीजद सांसद ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर हुई फायरिंग की घटना पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि चीनी सेना की ओर से यह दुर्भाग्यपूर्ण दुस्साहस किया गया। यह स्पष्ट संकेत है कि आने वाले समय में क्या होने वाला है। भारत सरकार और सेना को सीमा पर अलर्ट रहना होगा।
उन्होंने कहा कि मेरा निजी तौर पर मानना है कि चीन के साथ बातचीत का कोई मतलब नहीं है। अतीत में भी जब भी बातचीत के जरिये दोनों देशों में कोई समझौता हुआ, चीन ने अगले 24 से 48 घंटे में ही उसका उल्लंघन किया है। हमें सतर्क रहना होगा। हमें अपनी सेना पर पूरा भरोसा है।