लोकसभा चुनाव 2019 में ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों का मिलान होने के बाद भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) एमवी गौतम का बयान सामने आया है। गौतम ने शनिवार को बंगलुरु में बीईएल की वार्षिक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में ईवीएम की वोटों और वीवीपैट की पर्चियों में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है।
गौतम ने आगे कहा, यहां तक कि किसी तरह की गड़बड़ी का एक भी मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा ईवीएम से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है। बीईएल रिकॉर्ड दर्ज कर चुका है कि ईवीएम और वीपीपैट के वोटों में एक भी गड़बड़ी नहीं पाई गई है। ईवीएम को लेकर चल रहे सभी विवाद अब खत्म हो गए हैं। राजनीतिक पार्टियां भी जानती हैं कि ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहीं है।
ईवीएम की विश्वसनीयता पर गौतम ने कहा कि भारत में लोकतंत्र ईवीएम के जरिए ही जिंदा रह सकता है। वीपीपैट मशीन के साथ ईवीएम ने ये सुनिश्चित किया कि चुनावों में कोई हेराफेरी नहीं हुई। अगर हेराफेरी होती है तो इसे आसानी से पकड़ा जा सकता है। लेकिन हम अगर बैलेट का प्रयोग करते हैं तो हेराफेरी के मामलों में कुछ नहीं किया जा सकता।
गौतम ने आगे कहा कि अगर किसी प्रत्याशी को ईवीएम पर शक है वह चुनाव के बाद 45 दिनों के अंदर कोर्ट जाने के लिए स्वतंत्र है। सभी ईवीएम को 45 दिनों के लिए सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि बीईएल ने चुनाव आयोग को लोकसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए 10 लाख ईवीएम उपलब्ध कराए थे।