पीएम मोदी के मंत्रालय से गर्भवती महिलाओं के लिए एक खास तरह की सलाह आई है। इस सलाह में स्वस्थ बच्चे को जन्म देने के लिए गर्भवती महिलाओं को सेक्स करने और मीट से दूर रहने के लिए कहा गया है और इसके साथ ही उनको शुद्ध विचारों को दिमाग में रखने के लिए भी सलाह दी है , साथ में कमरे में सुंदर-सुंदर तस्वीरों को लगाने की भी नसीहत दी है।
मोदी सरकार दिन ब दिन किसी न किसी बात और कारनामे के लिए चर्चा में रहती है। लेकिन इस बार की वजह आपको हैरत में डाल सकती है। दरअसल, मंत्रालय के आयुष प्रीस्क्रिप्सन ने ये नसीहत दी है कि अगर गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ बच्चे की दरकार है तो उन्हें गर्भवती होने के दौरान सेक्स करने और मीट खाने से बचना होगा और साथ ही गंदे विचारों को भी दिमाग से निकालना होगा।
इतना ही नहीं इस सलाह में आगे कहा गया है कि गर्भवती महिलाओं को अपने निजी कमरे को सुंदर-सुंदर तस्वीरों से सजाना चाहिए। बता दें कि इस मंत्रालय के आयुष प्रीस्क्रिप्सन में हर साल 26 मिलियन बच्चे जन्म लेते हैं।
सरकारी साइट पर गर्भवती महिलाओं के लिए टिप्स
सरकार द्वारा चलित केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद् की वेबसाइट में योगा और प्राकृतिक चिकित्सा के भारतीय पारंपरिक व्यवस्था के बारे में बताया गया है जो स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
इसकी बुकलेट का नाम 'मदर एंड चाइल्ड केयर है। ये बुकलेट राज्य मंत्रालय द्वारा आयुष श्रीपद नाइक के नाम से जारी की गई थी जो कि अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस को चलाने के लिए किया गया था। बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस 21 जून को मनाया जाना है।
खबर है कि नाइक से किसी भी प्रकार की कोई बात नहीं हो सकी है क्योंकि उनके मोबाइल फोन बंद है। लेकिन पिछले महीने जामनगर में मौजूद 'गर्भविज्ञान अुसंधान केंद्र' से खबर थी कि वहां जोडों से शुभअवसरों पर शुद्धीकरण के चलते गर्भधारण के लिए पैसा वसूला गया था।
सरकार की सलाह पर डॉक्टरों ने उठाया सवाल
- फोटो : डेमो पिक
वहीं, जीवाण माला अस्पताल और अपोलो हेल्थकेयर ग्रुप के नोवा स्पेशियलिटी अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और प्रसव चिकित्सक वरिष्ठ डॉ. मालाविक सभरवाल का कहना है कि ' ये एक अवैज्ञानिक सलाह है, उन्होंने कहा कि मीट की कमी से बच्चों में कुपोषण की समस्या पैदा होगी और शरीर में प्रोटीन और आयरन की भी कमी हो जाएगी। वहीं, सेक्स को लेकर डॉक्टर ने कहा कि यदि गर्भावस्था सामान्य स्तर पर है तो सेक्स करने में कोई बुराई नहीं है।
वहीं, इस मामले में आए कई अध्ययनों से भी ये बात सामने आई है कि बच्चें पर असर इन चीजों से नहीं बल्कि गर्भवती महिला के चिड़चिड़ेपन, तनाव और दवाब के चलते पड़ता है। डॉ सभरवाल ने आगे कहा कि गर्भवती महिला को इस दौरान खुश रहने की जरूरत है और किसी भी बेकार की सलाह से दूर रहे और परिवार को चाहिए कि वे गर्भवती महिलाओं की इच्छाओं को ध्यान में रखकर उनकी देखभाल करें।