प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद में नोटबंदी पर विपक्ष के तमाम सवालों के जवाब दिए। लेकिन आरटीआई से जानकारी देने में सरकार कतरा रही है। पीएमओ से लेकर आरबीआई तक ने मंत्रियों के बैंक खातों और करेंसी चेस्ट से संबंधित जानकारी देने में हाथ खड़े कर दिए हैं।
आरटीआई एक्टिविस्ट जगदीप छोकर और वेंकटेश नायक ने 24 दिसंबर को प्रधानमंत्री के उस बयान को आधार बनाकर जानकारी दी थी जो उन्होंने 30 नवंबर को दिया था। नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भाजपा के सभी सांसद और मंत्री आठ नवंबर से लेकर 31 दिसंबर 2016 तक का बैंक ट्रांजेक्शन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को सौंपे।
आरटीआई के जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय ने 20 जनवरी 2017 को जवाब दिया कि इससे संबंधित कोई भी जानकारी पीएमओ के पास नहीं है। आरटीआई एक्टिविस्टों ने अपनी बात की पुष्टि के लिए आवेदन के साथ एक अंग्रेजी अखबार की क्लिप भी संलग्न की थी।