Shubhanshu Shukla Health Update: इसरो ने भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की सेहत पर अपडेट साझा किया है। इसरो के अनुसार शुभांशु शुक्ला फिलहाल एक्सिओम स्पेस कंपनी में डॉक्टरों की देखरेख में हैं, जहां इसरो के भी डॉक्टर उनकी तबीयत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गुरुवार को बताया कि अंतरिक्ष से लौटे भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की शुरुआती स्वास्थ्य जांच में उनकी तबीयत बिलकुल ठीक पाई गई है और फिलहाल कोई चिंता की बात नहीं है। शुभांशु शुक्ला 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौटे थे। वह अमेरिकी प्राइवेट मिशन एक्सिओम-4 के तहत 20 दिन की अंतरिक्ष यात्रा पर गए थे। वह और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री (पेगी व्हिटसन, स्लावोश उजनांस्की-विस्निवस्की और टिबोर कापू) 'ड्रैगन ग्रेस' नाम के स्पेसक्रॉफ्ट में सवार थे, जो कैलिफोर्निया में समुद्र में सुरक्षित लैंड हुआ था।
अंतरिक्ष से वापसी के तुरंत बाद हुई थी जांच
स्पेसक्राफ्ट से बाहर निकलने के तुरंत बाद, सभी अंतरिक्ष यात्रियों की शुरुआती स्वास्थ्य जांच एक जहाज पर की गई थी। इसके बाद हेलिकॉप्टर से उन्हें एक्सिओम स्पेस कंपनी में ले जाया गया, जहां और भी गहन जांच और बातचीत की गई। शुभांशु शुक्ला को फिर अमेरिका के ह्यूस्टन शहर ले जाया गया, जहां उन्हें एक सप्ताह के विशेष स्वास्थ्य पुनर्वास कार्यक्रम में शामिल किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अंतरिक्ष में बिताए गए समय के कारण शरीर पर पड़े असर को कम करना है।
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एक्सिओम कंपनी में डॉक्टर्स कर रहे देखरेख
इसरो ने बताया कि यह कार्यक्रम एक्सिओम कंपनी के डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है और इसरो के डॉक्टर भी इसमें भाग ले रहे हैं। इस पुनर्वास कार्यक्रम में खास तौर पर हृदय की जांच, मांसपेशियों और हड्डियों की ताकत की जांच और मानसिक स्थिति की समीक्षा की जाती है। इसके साथ-साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि वह सामान्य जीवन में फिर से सहजता से लौट सकें।
18 दिन तक ISS में शुभांशु ने किए कई प्रयोग
20 दिन की इस अंतरिक्ष यात्रा में शुभांशु शुक्ला ने 18 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर बिताए। इस दौरान उन्होंने इसरो और नासा की तरफ से तैयार किए गए कई अति-गुरुत्वाकर्षण रहित (माइक्रोग्रैविटी) प्रयोग किए। पूरे मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री 320 बार पृथ्वी की परिक्रमा कर चुके थे और उन्होंने कुल मिलाकर 1.35 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की। इसरो ने बताया कि शुभांशु शुक्ला की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है और जल्द ही वह सामान्य जीवन में लौट आएंगे।