केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बुधवार को कहा कि रामनगर जिले में उनके द्वारा खरीदी गई जमीन अवैध नहीं है और यह जमीन उन्होंने करीब चालीस साल पहले खरीदी थी। उनका यह बयान तब सामने आया, जब राजस्व विभाग के अधिकारियों ने उनकी जमीन का सर्वेक्षण किया। कर्नाटक सरकार और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए कुमारस्वामी ने दावा किया कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
कुमारस्वामी ने कहा, मैंने करीब चालीस साल पहले जमीन खरीदी थी चालीस में कई बार सर्वे और जांच हुई है। मैं इसको लेकर खुला रहा हूं..चालीस साल तक कोई शिकायतकर्ता नहीं था। अब वे अचानक कैसे सामने आ गए? पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि 1986-87 में कांग्रेस नेता सी.एम. लिंगप्पा और जिला पंचायत सदस्य रामचंद्रा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को एक याचिका दी थी, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि जमीन को अवैध तरीके से खरीदा गया।
'मेरे पास सभी दस्तावेज, हाईकोर्ट से नहीं मिला कोई नोटिस'
उन्होंने कहा, मेरे पास सभी दस्तावेज हैं। यह सरकार और राज्य के संसाधनों की रक्षा करने का दावा करने वाले (कार्यकर्ता) मेरे खिलाफ हो गए हैं। अभी तक मुझे हाईकोर्ट से कोई नोटिस नहीं मिला है। जब मुझे पता चला कि अधिकारी बिना नोटिस दिए ही मेरी जमीन का सर्वेक्षण करने आ रहे हैं, तो मैंने प्रधान सचिव और उपायुक्त से पूछा, फिर उन्होंने मुझे नोटिस दिया। मैंने सर्वेक्षण की अनुमति दी। मैंने उनसे यह भी कहा कि वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से सर्वेक्षण करवा सकते हैं।
'सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के सबूत'
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने जो जमीन खरीदी है, वह अवैध नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके पास इस बात के दस्तावेज हैं कि किसने किस तरह के अवैध काम किए हैं और कैसे सरकारी जमीनों पर दूसरों ने अवैध कब्जा किया है। उन्होंने आगे कहा, लेकिन आज की व्यवस्था में तार्किक हल तक नहीं पहुंचा जा सकता।
क्या हुआ पूरा मामला
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को रामनगर जिले के बिदादी होबली के बेथागनहल्ली में कुमारस्वामी की कृषि भूमि का सर्वेक्षण किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि कुमारस्वामी ने 14 एकड़ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है। हाईकोर्ट ने राजस्व विभाग को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के आरोपों की जांच के लिए सरकार ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था।
कुमारस्वामी ने पूछा- कितनी बार जांच होगी?
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, कुमारस्वामी ने कहा, इसमें कोई शक नहीं है। कितनी बार जांच होगी? मार्च 2023 में लोकायुक्त को एक रिपोर्ट सौंपी गई..उन्होंने आकर सर्वे किया है। उन्हें एक और रिपोर्ट सौंपने दीजिए। मैं चिंतित नहीं हूं। जो जमीन चालीस साल पहले खरीदी गई थी, उसके लिए ये सब हो रहा है। मैं जानता हूं कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसके लिए सभी को बुलाकर कई दौर की बैठकें की हैं।
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