देश के किसी भी अस्पताल को इस बार ट्रांसप्लांट के लिए पुरस्कार नहीं दिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश के किसी भी अस्पताल ने ट्रांसप्लांट से जुड़ी जानकारी नोट्टो वेबसाइट पर अपलोड नहीं की। राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोट्टो) ने दो साल पहले इस पुरस्कार की शुरुआत की थी।
पुरस्कार दो श्रेणियों ‘सर्वश्रेष्ठ ट्रांसप्लांट संयोजक’ और ‘अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ अस्पताल’ में दिया जाता है। मंत्रालय के मुताबिक, किसी भी अस्पताल ने वेटिंग लिस्ट का ब्योरा, ट्रांसप्लांट डाटा और ट्रांसप्लांट के बाद की सूचनाएं नोट्टो वेबसाइट पर अपलोड नहीं की।
डॉ. वी. रमेश ने कहा कि पुरस्कार का मकसद कानून के दायरे में रहते हुए ट्रांसप्लांट को बढ़ावा देना और अस्पतालों को प्रोत्साहित करना है। देश के तमाम अस्पतालों से वेटिंग लिस्ट और ट्रांसप्लांट डाटा से जुड़ी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए कई बार आग्रह किया गया, लेकिन अस्पतालों ने ध्यान नहीं दिया। इसके चलते इस बार किसी अस्पताल को पुरस्कार नहीं दिया जाएगा।